Wed, 21 Oct 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

रमन अरोड़ा ने फर्जी साइन स्कैंडल पर तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट

पंजाब राज्यसभा उपचुनाव में 'फर्जी साइन' स्कैंडल ने अब हाई-वोल्टेज ड्रामा का रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 विधायकों के जाली हस्ताक्षर कर नामांकन दाखिल करने वाले जयपुर के नवनीत चतुर्वेदी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। रूपनगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए चंडीगढ़ पहुंची है। लेकिन कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब चंडीगढ़ पुलिस ने नवनीत चतुर्वेदी को सुरक्षा मुहैया करा दी है।

रमन अरोड़ा ने किया 'सोशल मीडिया' पर खुलासा
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा AAP के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर किया। पंजाब पुलिस ने विधायकों के फर्जी दस्तखत के आरोप में नवनीत चतुर्वेदी के खिलाफ कई FIR दर्ज की हैं।

जयपुर निवासी नवनीत चतुर्वेदी जिसने खुद को 'जनता पार्टी' का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया था, ने सोमवार को राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए हुए उपचुनाव में नामांकन दाखिल किया था। उनके समर्थन पत्र में AAP विधायकों के कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर थे। घटनाक्रम तब नाटकीय हो गया जब नवनीत को सुरक्षा दे रही चंडीगढ़ पुलिस उन्हें लेकर मौके से निकल गई। फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों के चलते उनका पर्चा रद्द कर दिया गया।

नामांकन रद्द होने के बाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी
नामांकन रद्द होने के बाद नवनीत चतुर्वेदी ने इस फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उनके पर्चे के रद्द होते ही उपचुनाव का मुकाबला सीमित हो गया है। अब मैदान में केवल दो उम्मीदवार बचे हैं: AAP के अधिकृत प्रत्याशी राजिंदर गुप्ता और उनकी पत्नी मधु गुप्ता। सूत्रों के मुताबिक, मधु गुप्ता मंगलवार को नामांकन वापस ले सकती हैं, जिससे राजिंदर गुप्ता की जीत का रास्ता लगभग साफ हो जाएगा।

पुलिस जांच में पता चला है कि चतुर्वेदी ने 6 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को दो बार नामांकन दाखिल किया था। उनके दस्तावेजों में हस्तलिखित प्रस्तावकों की सूची थी, जिसमें कथित तौर पर AAP विधायकों के जाली हस्ताक्षर थे। यह सूची बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

विधायकों ने शिकायत की कि उन्हें सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश मिले जिनमें उन्हें चतुर्वेदी के प्रस्तावक के रूप में दर्शाया गया था, जबकि उन्होंने कभी सहमति नहीं दी थी। विधायक रमन अरोड़ा ने रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर साफ किया कि उन्होंने किसी का नाम प्रस्तावित नहीं किया और वह नवनीत चतुर्वेदी नाम के शख्स को जानते तक नहीं हैं। चुनाव के लिए किसी का नाम प्रस्तावित नहीं किया और वह किसी नवनीत चतुर्वेदी के नाम के शख्स को जानते तक नहीं हैं।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 234222

Share this Post