Wed, 04 Nov 2026
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वीर बबरीक चौक का सुंदरीकरण, तीन तीर के धनुष का सुंदर डिजाइन कर रहा आकर्षित मेयर वनीत धीर और कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने जनता को समर्पित किया चौक पढ़ें पूरी खबर 

वीर बबरीक चौक का सुंदरीकरण, तीन तीर के धनुष का सुंदर डिजाइन कर रहा आकर्षित

मेयर वनीत धीर और कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने जनता को समर्पित किया चौक

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जालंधर (राजन) : जालंधर वेस्ट विधानसभा हलका में 120 फीट रोड पर वीर बबरीक चौक का सुंदरीकरण किया गया है। चौक सुंदरीकरण का काम पूरा होने पर पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत, मेयर वनीत धीर और संत गट नाथ जी ने चौक जनता को समर्पित किया गया। चौक में धनुष-श्राण का सुंदर डिजाइन बनाया गया है। इस मौके पर नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि, आप नेता नितिन कोहली, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू, डिप्टी मेयर मलकीत सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर डा. मनदीप कौर विशेष रूप से मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नवीनीकरण से यह चौक शहर की सुंदरता को और बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को सकारात्मकता प्रदान करेगा। इस चौक के सुंदरीकरण का काम यूनिवर्सल स्पोर्ट्स इंडस्ट्री ने करवाया है।

कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और मेयर वनीत धीर ने यूनिवर्सल स्पोट्र्ट्स इंडस्ट्री प्रबंधन का इसके लिए आभार जताया। कैबिनेट मंत्री ने नगर निगम को अपील की कि यूनिवर्स स्पोट्र्ट्स के सहयोग से बनाए गए इस सुंदर चौक की सही ढंग से संभाल को भी यकीनी बनाया जाए, ताकि बबरीक चौक की सुंदरता आने वाले सालों में भी बरकरार रहे। भगत ने कहा कि नगर निगम पहले ही शहर के चौराहों को नई छवि और सुंदर बनाने के लिए मुहिम की शुरुआत कर चुका है। आने वाले दिनों दौरान लोगों को शहर के अनेक चौराहों में बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे जालंधर को और आकर्षिक एवं खूबसूरत छवि मिलेगी।

 

भीम का पोता वीर बबरीक था असीम शक्तिशाली

महाभारत के महावली योद्धा भीम के पोते एवं घटोत्कच और अहिलवती के पुत्र वबरीक को असीम शक्ति प्राप्त थी। भगवान शिव ने वीर बबरीक की तपस्या से प्रसन्न होकर तीन अचूक वाण वरदान में दिए थे। इस वाणों से वह‌ सभी को एक बार में मार सकते थे।महाभारत के युद्ध के दौरान जब वीर बबरीक पांडवों का साथ देने के लिए पहुंचे तो उनकी शक्ति का अंदाजा लगाकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें रोका।

श्री कृष्ण ने बबरीक से उनकी शक्ति का परीक्षण करने के लिए एक तीर से एक पेड़ के सारे फ्ते भेदने को कहा जो बबरीक ने कर दिखाया। तव भगवान कृष्ण ने बबरीक से युद्धभूमि में अपना शीशदान करने को कहा। बबरीक ने प्रसन्नतापूर्वक अपने शीश का दान कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने बबरीक की भक्ति और महानता से प्रसन्न होकर उन्हें कलयुग में खाटूश्याम के रूप में पूजे जाने का वरदान दिया। आज राजस्थान के खाटूधाम में उनका मंदिर है और भक्तजन हारे का सहारा के रूप में उनकी पूजा करते हैं।

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