आप कैमरों की नजर में, DGP ने शुरू किया इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, मोहाली के बाद जालंधर दूसरा शहर
एक सप्ताह तक नरमी बरतेगी पुलिस, चौराहों पर स्पीकरों के जरिए नियम तोड़ने वाले लोगों को जागरूक करेगी
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जालंधर (राजन) : शहर के लोगों को अब यातायात नियमों का पालन हर हाल में करना होगा, क्योंकि अब ट्रैफिक पुलिस किसी को रोकेगी नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कैमरे से देख चालान काट मैसेज के जरिए मोबाइल पर भेजेगी। सोमवार को डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस लाइन में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को शुरू करने की हरी झंडी दी। हालांकि ट्रैफिक पुलिस अगले एक सप्ताह तक नरमी बरतेगी और चौराहों में तैनात रहकर और स्पीकरों के जरिए नियम तोड़ने वाले लोगों को जागरूक करेगी। इसके साथ ही कैमरों के जरिए मानिटरिंग करेगी कि किस नियम का ज्यादा उल्लंघन हो रहा है। इसके बाद ई-चालान शुरू किया जाएगा। शहर के पांच प्रमुख चौराहों में 106 कैमरे लगे हैं। कोई कैमरा 200 मीटर दूरी तो कोई बारिश और खराब मौसम में भी साफ तस्वीरें खींचेगा।
सोमवार दोपहर 3.30 बजे डीजीपी गौरव यादव पुलिस लाइन में पहुंचे। वहां उन्होंने पहले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को देखा और बाद में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि मोहाली के बाद जालंधर पंजाब का दूसरा शहर है, जहां पर यह सिस्टम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर के चौराहों सहित 13 प्वाइंट पर 142 उच्च-रेजूलेशन वाले कैमरे, 102 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान करने के लिए एएनपीआर कैमरे, 40 रेड लाइट उल्लंघन की पहचान के लिए रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे, 83 बुलेट कैमरे, चार पैन- टिल्ट-जूम कैमरे, 30 विजुअल मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन, 16 कैमरे गति उल्लंघन के लिए और साथ में आपातकालीन काल बाक्स प्रणालियों के साथ कुल 1,003 कैमरे लगाए गए हैं।
वहीं पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की टीमें पहले सप्ताह तैनात रहेंगी और उसके बाद चालान की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।
पहले दिन चालान का डर, लोगों ने किया नियमों का पालन
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के शुरू होने से पहले ही लोग इंटरनेट मीडिया के जरिए जागरूक हो चुके हैं और इसका असर पहले दिन ही देखने को मिला। दैनिक जागरण की टीम ने शहर के पांच चौराहों का दौरा किया तो 95 प्रतिशत लोग नियमों का पालन करते दिखाई दिए। जेब्रा क्रासिंग पर खड़े लोग एक दूसरों से बात करते हुए नजर आए कि रेड लाइट जंप करने पर चालान घर आ जाएगा। टीम पहले पीएपी चौक में पहुंची, जहां रेड लाइट पर खड़े लोग कैमरों को देखते नजर जाए। बीएसएफ चौक पर वीआइपी आने के चलते लाइटों को बंद किया गया था और पुलिस खुद लोगों को आने जाने की अनुमति देती दिखाई दी। टीम बीएमसी चौक पहुंची तो वहां 30 कैमरों के साथ 10 ट्रैफिक पुलिस कर्मी भी नजर आए। यहां भी लोग पुलिस और कैमरों के डर से नियमों का पालन करते दिखाई दिए। गुरु नानक मिशन चौक पर एक तरफ की ट्रैफिक लाइट बंद नजर आई। लोग लाइट बंद होने के बावजूद चालान के डर नियमों का पालन करते रहे। इसके बाद टीम डा. बीआर आंबेडकर चौक पहुंची, जहां 21 कैमरे लगे थे। हालांकि यहां कुछ लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते नजर आए।
लोगों को जागरूक करने के लिए पहले ट्रैफिक पुलिस काम करेगी। इसके साथ ही कैमरों के जरिए टीम नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखेगी। अगर लोग जागरूक करने के बाद भी नियम तोड़ेंगे तो चालान होगा।
लोगों को आनलाइन या आरटीओ दफ्तर जाकर भरना पड़ेगा जुर्माना
आनलाइन चालान होने की सूरत में बड़ा सवाल है
कि जुर्माना कहां देना पड़ेगा। बता दें कि चालान होने के बाद मैसेज के साथ जुर्माना भरने का लिंक भी मोबाइल पर आएगा, जिसके जरिए आनलाइन चालान का जुर्माना भरा सकता है। अगर कोई आनलाइन जुर्माना नहीं भरना चाहता है तो वह आरटीओ दफ्तर की नौ नंबर खिड़की पर जुर्माना भर सकता है।
कैमरों की खासियत
13 प्वाइंट पर 142 उच्च- रेजूलेशन वाले कैमरे लगे हैं
102 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान करने के लिए एएनपीआर कैमरे लगे
40 रेड लाइट उल्लंघन की पहचान के लिए वायलेशन डिटेक्शन कैमरे लगे
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से आपरेट होंगे कैमरे
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने और नजर रखने के लिए पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है, जहां से इन कैमरों को आपरेट किया जाएगा। अगर कोई नियम तोड़कर निकलता है तो कंट्रोल रूम से ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरों से रेड लाइट जंप को देखेंगे। अगर कोई गलत साइड पर ड्राइविंग और जेब्रा लाइन क्रास करेगा तो उच्च- रेजूलेशन कैमरे गाड़ियों की फोटो क्लिक करेंगे। गाड़ी या वाहन के नंबर आइडेंटिफाई होने के बाद चालान कटने के बाद मैसेज वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। अगर रिकार्ड में किसी गाड़ी मालिक का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो ई-चालान रिकार्ड में दर्ज - उसके पते पर 10 दिनों में भेजा जाएगा। चालान होने के बाद उसे 60 दिन में आनलाइन या आरटीओ दफ्तर से भरा जाएगा।
60 दिनों में अगर कोई वाहन मालिक चालान का भुगतान नहीं करता तो चालान कोर्ट में चला जाएगा। जुर्माना भरने के लिए वहां 90 दिन मिलेंगे। 90 दिन में जुर्माना न भरने पर गाड़ी मालिक का लाइसेंस, गाड़ी की आरसी कैंसिल की जा सकती है।






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