जालंधर में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जारी हुआ व्हाट्सएप नंबर
मादृक्प्रपन्नपशुपाशविमोक्षणायमुक्ताय भूरिकरुणाय नमोऽलयाय।
स्वांशेन सर्वतनुभृन्मनसि प्रतीत प्रत्यग्दृशे भगवते बृहते नमस्ते॥
मेरे जैसे शरणागत, पशु के सामान जीवों की अविद्यारूप, फांसी को पूर्ण रूप से काट देने वाले परम दयालु और दया दिखाने में कभी भी आलस नहीं करने वाले भगवान को मेरा नमस्कार है। अपने अंश से सभी जीवों के मन में अंतर्यामी रूप से प्रकट होने वाले सर्व नियंता अनंत परमात्मा आपको मेरा नमस्कार है।
हे परमात्मा सदा सद्बुद्धि दे आपको बारंबार नमस्कार है
: योगिराज रमेश जी महाराज



Comments
No comments yet.