विदेश मंत्री जयशंकर ने ‘ग्लोबल साउथ’ को वैश्विक मंच पर मजबूत भूमिका निभाने का किया आह्वान
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों से किसी एक आपूर्तिकर्ता या बाजार पर निर्भरता कम करने, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करने और निष्पक्ष आर्थिक प्रथाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। उन्होंने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के इतर उच्च-स्तरीय बैठक में कहा कि वैश्विक चुनौतियों ‘महामारी, युद्ध, चरम जलवायु घटनाओं और आर्थिक अस्थिरता’ का सामना करने के लिए बहुपक्षवाद और सहयोग आवश्यक है।
जयशंकर ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एकजुट मोर्चा बनाना होगा। उन्होंने विकासशील देशों से दक्षिण-दक्षिण व्यापार और निवेश, खाद्य, उर्वरक और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग, डिजीटल सार्वजनिक अवसंरचना और तकनीकी साङोदारी के माध्यम से संतुलित और टिकाऊ आर्थिक संबंध स्थापित करने का आह्वान किया।
मंत्री ने 5 प्रमुख प्रस्ताव पेश करते हुए ‘ग्लोबल साउथ’ के बीच परामर्श और एकजुटता बढ़ाने, वैश्विक संस्थाओं में सुधार और बहुपक्षवाद के प्रति नई प्रतिबद्धता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों, टीकों, शिक्षा और कृषि में सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया, ताकि विकासशील देश वैश्विक व्यवस्था में पीछे न रहें। जयशंकर ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर लगातार ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बुलंद करता रहा है और सुनिश्चित करता है कि विकासशील देश वैश्विक एजेंडे को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।






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