Sun, 01 Nov 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

दर्दनाक हादसे में मशहूर गायक की हुई मौ:त, कैसे जानें के लिए पढ़ें पूरी खबर

दर्दनाक हादसे में मशहूर गायक की हुई मौ:त, कैसे 

जानें के लिए पढ़ें पूरी खबर

 

 

असम के मशहूर गायक और बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुके जुबीन गर्ग (52) का सिंगापुर में एक दर्दनाक स्कूबा डाइविंग हादसे में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, जुबीन को समुद्र से निकालकर पुलिस ने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बता दें कि वे सिंगापुर नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में शिरकत करने और परफॉर्म करने के लिए पहुंचे थे जुबीन गर्ग । 


गौरतलब है कि जुबीन गर्ग का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के जोरहाट में हुआ था। वे बचपन से ही संगीत के बेहद शौक़ीन थे। असमिया और बंगाली संगीत जगत में उन्हें एक सुपरस्टार सिंगर और म्यूजिक कंपोजर माना जाता है। उन्होंने 30 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए और अपने अनोखे अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया। असमिया सिनेमा में उनका योगदान इतना बड़ा है कि उन्हें अक्सर 'असम का रॉकस्टार' कहा जाता है।

इसके साथ ही बॉलीवुड में भी जुबीन गर्ग ने अपनी खास जगह बनाई। साल 2006 की फिल्म 'गैंगस्टर' का गाना 'या अली' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस गाने ने उन्हें देशभर में शोहरत दिलाई। इसके अलावा उन्होंने 'दिल तू ही बता' (कृष 3), 'जाने क्या चाहे मन बावरा' (प्यार के साइड इफेक्ट्स) और कई अन्य हिट गाने गाए। जुबीन की आवाज में एक अलग खनक और दर्द था, जिसने श्रोताओं को हमेशा मंत्रमुग्ध किया।

संगीत के अलावा जुबीन समाजसेवा में भी सक्रिय थे. वे असम की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने और युवाओं को अपने क्षेत्रीय संगीत से जोड़ने के लिए लगातार काम करते रहे
 उनका यूं अचानक चला जाना न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी क्षति है।  जुबीन गर्ग की आवाज और उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों तक जिंदा रहेगा।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 261171

Share this Post