Thu, 17 Sep 2026
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मणिपुर-इंफाल बॉर्डर पर अमृतसर का जवान शहीद:

मणिपुर-इंफाल बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान गोली लगने से शहीद हुए सैनिक का आज अमृतसर में अंतिम संस्कार किया गया। बीती देर रात शहीद का शव छेहर्टा की मॉडर्न कॉलोनी में लाया गया था। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। हैरानी की बात रही कि शहीद के शव को सम्मान देने के लिए आर्मी के बड़े अधिकारी पहुंचे, लेकिन पंजाब सरकार की तरफ से एक भी अधिकारी या नेता देश के शहीद को नमन करने नहीं आया।छेहर्टा के रहने वाले सिपाही हरपाल सिंह मणिपुर बॉर्डर पर तैनात थे। सोमवार वह परिवार से आखिरी बार बात करने के बाद मणिपुर- इंफाल बॉर्डर पर चले गए। शाम ही परिवार को हरपाल सिंह के शहीद होने की सूचना मिल गई। परिवार शव का इंतजार करता रहा और देर रात उसे हवाई मार्ग से अमृतसर लाया गया।

पति को सम्मान देने के लिए आगे बढ़ते हुए शहीद की पत्नि। पति को सम्मान देने के लिए आगे बढ़ते हुए शहीद की पत्नि।
रविवार को हुई थी परिवार से आखिरी बार बात
हरपाल की परिवार से आखिरी बार बात रविवार को हुई। शहीद की पत्नी ने बताया कि रविवार के दिन उनका फोन आया था। बेटे से बात कर रहे थे। बेटा उनसे रविवार बाल धोने और खुद के बाल न कटवाने की बातें कर रहा था। फोन पर बात करने के बाद वह ड्यूटी पर चले गए थे।

26 जनवरी को वह एक महीने की छुट्‌टी काट कर वापस गए थे। उसे नहीं पता था कि वे उस समय पहली बार उन्हें जिंदा देख रही हैं।

पत्नी ने बताया कि उन्हें सरहद पर ड्यूटी करते हुए गोली लगी थी। गोली किसने चलाई और कहां से चली, इसकी जानकारी आर्मी के अधिकारियों को भी नहीं है। उन्होंने भी परिवार को घटना के बारे में नहीं बताया है।

उनके पति के संस्कार में कोई सरकारी अधिकारी नहीं पहुंचा, लेकिन उन्हें अपने पति के शहीद होने पर पूरा गर्व है।

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