वाह किस्मत हो तो ऐसी! जालंधर में व्यक्ति ने पहली बार लॉटरी खरीदी और बन गया मालामाल
*हिन्दी*
मैं हिन्दी की बेटी हूँ,
संस्कृति मेरी पहचान है,
वेदों की गहराई में बसे,
गीता-पुराण का मान है।
मिट्टी से जुड़ी हूँ,
वतन की खुशबू से महकती हूं ,
भाषाओं में विविधता है ,
पर हिंदी मेरा मान है,
सरलता और मिठास से
जीवन का अहसास है।
गंगा, यमुना, सरस्वती का अटूट सम्मान है,
वसुधैव कुटुंबकम् में हिन्दी का अभिमान है।
*कंचन "श्रुता"* ????

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