बिहार कांग्रेस बचाओ” महासम्मेलन आयोजित, समर्पित कांग्रेसियों ने प्रदेश नेतृत्व पर बोला तीखा हमला ।
अज़ल से क़ाएम हैं दोनों अपनी ज़िदों पे 'मोहसिन'
चलेगा पानी मगर किनारा नहीं चलेगा
मोहसिन नक़वी
नया रिश्ता बने इस उम्र में क्या
पुराने को पुराना कर रहा हूं
शारिक कैफ़ी
रौशन रहते हैं ग़म सत्ह पे अश्कों की
ये पत्थर पानी पर तैरा करते हैं
स्वप्निल तिवारी
दिल को तो बहुत पहले से धड़का सा लगा था
पाना तिरा शायद तुझे खोने के लिए है।
हैदर क़ुरैशी


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