*नाव*
नदी किनारे
खड़े
नाव को
देख कर
मन में आया
मैं और नाव
कितने अलग हैं
यह
अपनी कलाओं में माहिर है
डूबने से ज़्यादा
तैरना जानती है और
मैं तैरने से ज़्यादा डूबना ...
*"श्रुता"*
*नाव*
नदी किनारे
खड़े
नाव को
देख कर
मन में आया
मैं और नाव
कितने अलग हैं
यह
अपनी कलाओं में माहिर है
डूबने से ज़्यादा
तैरना जानती है और
मैं तैरने से ज़्यादा डूबना ...
*"श्रुता"*
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