ਜਿਸ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਉਸਦੇ ਮੇਨ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦਾ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ।
एक था माइकल जैक्सन जो 150 साल जीना चाहता था!
अपनी देखरेख करने के लिए उसने अपने घर पर 12 डॉक्टर्स नियुक्त किए हुए थे !
जो...
*मंत्र क्यों सिद्ध नहीं होते*रेकी परिणाम देर से क्यो?
माधवाचार्य गायत्री के उच्च उपासक थे। वृंदावन में उन्होंने ते...
‘तुलसी’ काया खेत है, मनसा भयौ किसान।
पाप-पुन्य दोउ बीज हैं, बुवै सो लुनै निदान॥
गोस्वामी जी कहते है...
एकं हन्यान्न वा
हन्यादिषुर्मुक्तो धनुष्मता।
बुद्धिर्बुद्धिमतोत्सृष्टा हन्याद् राष्ट्रम सराजकम्...
पन्चाग्न्यो मनुष्येण परिचर्या: प्रयत्नत:।
पिता माताग्निरात्मा च गुरुश्च भरतर्षभ ॥
&n...
माता चिन्तपूर्णी के सम्बन्ध लगेगा विशाल लंगर
जालंधर आज तिथि अगस्त (सोनू भय) : जय माँ नवयुवक जागरण सभा टैगोर नग...
विधायक मोहिंदर भगत माँ चामुंडा देवी दरबार में माथा टेका ।
जालन्धर आज 10 अगस्त (सोनू भाई) : को जालंधर पश्च...
ਅਜ ਮਿਤੀ ਅਗਸਤ (ਸੋਨੂੰ ਭਾਈ) : ਅੱਜ 9 ਅਗਸਤ 2024 ਨੂੰ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਜਲੰਧਰ ਪੱਛਮੀ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਮੋਹਿੰਦਰ ਭਗਤ ਨੇ ਸਾਵਣ ਦੇ ਮੇਲੇ ਮਾਂ ਚਿੰਤਪੁਰਨੀ ਦ...
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।।
&...
श्रीमद् भागवत गीता का उपदेश
क्रोधाद्भवति संमोह: संमोहात्स्मृतिविभ्रम:।
स्मृतिभ्रंशाद्ब...
जो "व्यक्ति" किसी दूसरे के चेहरे पर हंसी
और जीवन में खुशियां लाने की क्षमता रखता है "ईश्वर" उसके चेहरे से...
धार्मिक यात्रा कारवाने से अच्छा मार्ग दर्शन मिलता है प्रधान अतुल चड्डा ,पवन कुमार सिनीयर उप प्रधान डी सी सी जालंधर, ...
------ ।।धर्म।।--------
ज़रूरी है धर्म का अध्धयन
# 5 Mukhi Rudraksh # पंचमुखी रुद्राक्ष मनुष्य के शारीरिक रोगों की समाप्ति तो करता ही है साथ ही इसमें मधुमेह ,उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, ...
हमारे शरीर के अंगो पर तिल के होने का महत्त्व
तिल तथा मस्से का होना दोनों एक ही प्रभाव देता है। तिल आपके सभी प्रकार के शा...
हमारे शरीर के अंगो पर तिल के होने का महत्त्व
तिल तथा मस्से का होना दोनों एक ही प्रभाव देता है। तिल आपके सभी प्रकार के शा...
करता करे ना कर सके
गुरु करे सब होय
सात द्वीप नौ खंड में
गुरु के बड़ा ना कोय।
गुरु पूर्णिमा की बहुत-बहुत शुभक...
जालंधर आज तिथी 19 जुलाई (विक्रांत मदान) : श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा पठानकोट रोड ईशाधारी मंदिर जालंधर में आशीर्वाद लेने पहु...
ਕਵੀ ਅਮਰ ਸਿੰਘ ਅਮਰ ਦੀ ਬੋਲੀ ਹੋਈ ਕਵਿਤਾ ਨੂੰ ਸੁਨਣ ਲਈ ਹੇਠਾਂ ਵੀਡੀਉ ਤੇ ਕਲਿਕ ਕਰੋ ਜੀ।