Sat, 07 Nov 2026
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42 घंटे तक घर में रही ED की टीम, अब सामने आई रेड की इनसाइड स्टोरी

पंजाब के पूर्व उद्योग और वाणिज्य मंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा, उनके बेटे और करीबियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जालंधर ED की टीम ने 2 और 3 नवंबर 2026 को पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 14 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। होशियारपुर के जोधा मल रोड स्थित उनके निजी आवास पर ED की यह रेड करीब 42 घंटे तक लगातार चली। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई है।

14 स्थानों पर चले सर्च ऑपरेशन में क्या-क्या ज़ब्त हुआ?
ED द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान मोबाइल फोन, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्तियों के मूल कागजात, PSIEC प्लॉट आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस बरामद कर ज़ब्त कर लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जांच के दायरे में आए व्यक्तियों के बैंक लॉकर्स को भी फ्रीज़/जब्त किया गया है।

जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, उनमें होशियारपुर स्थित सुंदर शाम अरोड़ा का निवास स्थान, होशियारपुर का 'शिवम हॉस्पिटल', तथा चंडीगढ़ और मोहाली में स्थित 'SRG बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड', 'GRG डेवलपर्स एंड प्रमोटर्स LLP' और 'गुलमोहर टाउनशिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों और सहयोगियों के दफ्तरों व परिसरों को भी जांच में शामिल किया गया।

PSIEC प्लॉटों के हस्तांतरण में अनुचित लाभ उठाने का आरोप
ED की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मार्च 2017 से सितंबर 2021 तक पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रहते हुए सुंदर शाम अरोड़ा का 'पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन' (PSIEC) के कामकाज पर सीधा प्रभाव था। आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने PSIEC के कीमती और महंगे औद्योगिक प्लॉट निजी रियल एस्टेट कंपनियों को हस्तांतरित कराकर उन्हें अनुचित लाभ पहुँचाया।

बेटे के नाम पर हिस्सेदारी और बैंक रिकॉर्ड से मिले सबूत
जांच एजेंसियों के अनुसार, निजी रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा पहुँचाने के एवज में पूर्व मंत्री ने अपने बेटे प्रतीक अरोड़ा के नाम पर उन कंपनियों में बेनामी हिस्सेदारी हासिल की। ED की टीम को बैंक खातों के रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से इससे संबंधित पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। फिलहाल ED की टीम ज़ब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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