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फ्रांस से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की ओर से रोके जाने के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर उन्हें करीब 2 घंटे तक बैठाकर रखा गया और अधिकारियों ने उनके सामान की जांच करने की बात कही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जांच के दौरान सामान में से कुछ भी नहीं मिला।
‘दो घंटे बैठाकर रखा, सामान में से कुछ नहीं निकला’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उन्हें रोककर रखा था। अधिकारियों ने सामान की जांच करने की बात कही, जिसके चलते उन्हें करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। सामान की जांच के बावजूद उसमें से कुछ भी नहीं मिला। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस घटना को उत्पीड़न मानते हैं, तो उन्होंने कस्टम विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
ज्ञानेश कुमार के भाई को लेकर CM मान ने लगाए आरोप
मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि क्या वह इस घटना को हैरेसमेंट मानते हैं, तो उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई का जिक्र किया। मान ने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार के भाई हैं और उनका नाम मनीष है।
जब भी संबंधित लोगों को मौका मिलता है, वे उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई करते हैं।
कस्टम जांच और चालान को लेकर AAP ने पहले भी उठाए थे सवाल
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को दावा किया था कि पेरिस से लौटने के बाद भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब तीन घंटे तक रोका गया था। पार्टी के मुताबिक, इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का 50 हजार रुपये का चालान भी काटा था।
AAP ने यह भी दावा किया था कि अधिकारियों ने कार्रवाई के पीछे ऊपर से दबाव होने की बात कही थी। हालांकि, मुख्यमंत्री के सामान में क्या था, किस वस्तु को लेकर जांच की गई और चालान किस आधार पर काटा गया, इस बारे में पार्टी ने जानकारी नहीं दी है।





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