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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने अब तक 9 छात्रों को गिरफ्तार किया है। DIG नवीन सिंगला ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान हिंसा में शामिल 20 आरोपियों की पहचान कर उन्हें केस में नामजद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में यूनिवर्सिटी के छात्र और बाहरी लोग दोनों शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जेम्स दहिया, गगनदीप, जसमीत कुमार निवासी फगवाड़ा, अंतरिक्ष और साहिल निवासी जम्मू-कश्मीर, कृष्णा कुमार, भविष्य करण निवासी मुंबई और आशुतोष निवासी फगवाड़ा के रूप में हुई है। इसके अलावा गिरफ्तार किए गए नौवें आरोपी के नाबालिग होने की जानकारी दी गई है।
7 आरोपी LPU के छात्र, 2 बताए गए आउटसाइडर
DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, पुलिस की जांच में सामने आया है कि मामले में नामजद 20 आरोपियों में 7 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं, जबकि 2 आरोपी बाहरी हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने पहले लाठीचार्ज नहीं किया: DIG
DIG सिंगला ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से शुरुआत में कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया था। उनके मुताबिक, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से पुलिस और मीडिया कर्मियों पर पथराव किया गया और वाहनों में आग लगाने की घटनाएं हुईं, तब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि हिंसा और तोड़फोड़ को रोककर स्थिति को कंट्रोल में लेना था।
यूनिवर्सिटी पहुंचते ही अचानक शुरू हुआ पथराव
DIG ने बताया कि जब पुलिस बल के साथ वह यूनिवर्सिटी परिसर पहुंचे तो उस समय तक ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि, इसके बाद अचानक कुछ छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की। पुलिस छात्रों के साथ है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों की ओर से यूनिवर्सिटी परिसर में उत्पात और हिंसा की गई, जिसकी जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
रेप के मामले में SIT कर रही जांच
LPU में हिंसा की शुरुआत छात्रा से रेप की सूचना फैलने के बाद हुई थी। इस मामले में DIG नवीन सिंगला ने कहा कि पुलिस ने जांच के लिए SIT का गठन किया है। SIT रेप से जुड़ी सूचना और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। हिंसा, तोड़फोड़ और रेप की सूचना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।





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