पंजाब में भाजपा की ओर से चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान और 30 सितंबर को जालंधर में होने वाली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भाजपा और अमित शाह से पंजाब में नशे की समस्या को लेकर पिछले 15 वर्षों में किए गए कामों का हिसाब मांगा है। भाजपा की चार नशा मुक्ति यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होना है और अमित शाह इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
नशे के खिलाफ रैली पर एतराज नहीं, काम का हिसाब मांगा
परगट सिंह ने कहा कि उन्हें भाजपा की ओर से नशे के खिलाफ रैली निकालने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में लंबे समय से भाजपा की सरकार होने के बावजूद नशे के खिलाफ अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने अमित शाह के जालंधर दौरे के दौरान इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। परगट सिंह ने सीमा सुरक्षा से जुड़े कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाया और कंटीली तारें भी लगाई गईं, ऐसे में नशे की तस्करी रोकने के लिए इन व्यवस्थाओं का कितना प्रभाव पड़ा, इसका जवाब भी दिया जाना चाहिए।
गुजरात पोर्ट से आने वाले नशे पर भी सवाल
परगट सिंह ने दावा किया कि पंजाब में नशे की समस्या पर राजनीति करने के बजाय पूरे देश में ड्रग्स की सप्लाई को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों के जरिए कथित तौर पर आने वाले नशे का मुद्दा उठाते हुए भाजपा से पूछा कि इस दिशा में केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाई की है। अमित शाह जालंधर आएं तो पंजाब में नशे के मुद्दे पर पिछले 15 वर्षों का जवाब जनता के सामने रखें।
युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा
कांग्रेस विधायक ने रोजगार के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नौकरियों को लेकर किए गए दावे जमीन पर प्रभावी नजर नहीं आ रहे हैं और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण युवा निराश हैं। युवाओं को रोजगार और अन्य जरूरी अवसर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उन्होंने आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने का भी दावा किया।





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