पंजाब के AAP मंत्री मोहिंदर भगत के पिता और पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का वीरवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने 93 साल 9 महीने और 9 दिन की उम्र में जालंधर के बस्ती इलाके स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
शाम 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में होगा अंतिम संस्कार
भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार वीरवार शाम करीब 5 बजे जालंधर के बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। उनके निधन के चलते पंजाब सरकार ने आज आधे दिन की छुट्टी का भी ऐलान किया है।
अकाली-भाजपा सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री
भगत चुन्नी लाल अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे। जालंधर वेस्ट की राजनीति में उनका लंबे समय तक प्रभाव रहा। उन्होंने वर्ष 1997 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में बड़ी पहचान बनाई और विधायक बने। इसके बाद वह सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। वर्ष 2017 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था।
सियालकोट में हुआ था जन्म, बंटवारे के बाद जालंधर आए
भगत चुन्नी लाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर आकर बस गया था। इसके बाद उन्होंने जालंधर को ही अपनी कर्मभूमि बनाया और लंबे समय तक सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
चार बेटे और चार बेटियां हैं
भगत चुन्नी लाल के परिवार में चार बेटे और चार बेटियां हैं। उनके बेटे मोहिंदर भगत वर्तमान में पंजाब सरकार में आम आदमी पार्टी के मंत्री हैं। राजनीति के अलावा भगत चुन्नी लाल का स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात का कारोबार भी था। जालंधर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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