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जालंधर में पंजाब गौ सेवा कमीशन के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मुद्दे को लेकर 21 अगस्त को किए गए पंजाब बंद के आह्वान का विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह हवारा को पैरोल दिए जाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पंजाब बंद का समर्थन नहीं करते।
मानवता के आधार पर पैरोल देने की अपील
कीमती भगत ने कहा कि जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मामले को मानवता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालती फैसलों और अतीत की घटनाओं में जाने के बजाय मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर विचार होना चाहिए। हवारा अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा काट चुके हैं। इसके अलावा उनकी मां बेहद बुजुर्ग हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं। ऐसे में मानवीय आधार पर उन्हें पैरोल दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
'पैरोल से कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं होगी'
कीमती भगत ने कहा कि अगर जगतार सिंह हवारा को पैरोल दी जाती है तो इससे कानून-व्यवस्था की कोई समस्या पैदा नहीं होगी।
किसान नेता भी हमारे पंजाबी भाई हैं। उन्हें हिंदू समुदाय की भावनाओं और श्रद्धालुओं की व्यावहारिक समस्याओं का ध्यान रखते हुए बंद के समर्थन पर फिर से विचार करना चाहिए।
21 अगस्त के पंजाब बंद का विरोध
वहीं, वारिस पंजाब दे की ओर से 21 अगस्त को पंजाब बंद के आह्वान पर कीमती भगत ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि हवारा की पैरोल का मुद्दा अलग है, लेकिन इसके विरोध या समर्थन में पंजाब बंद किया जाना उचित नहीं है।उन्होंने लोगों से बंद का समर्थन न करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए।





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