ਅਸਲ ਮਰੀਜ਼ ਕਿੱਥੇ ਹਨ? ਸਰਕਾਰ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੇ ਨਾਂ ’ਤੇ ਨਾਟਕੀ ਪ੍ਰਚਾਰ ਬੰਦ ਕਰੇ — ਅਨੁਰਾਧਾ ਬੰਗਾ
जालंधर सिविल अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने प्रशासन से सेंटर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि मरीजों की ओर से स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अगर उनकी मांगों पर एक सप्ताह के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी 24 अगस्त से सेंटर बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं।
मरीज ने स्टाफ कर्मचारी पर लाठी से किया हमला
कर्मचारी जसपिंदर सिंह ने बताया कि वह ओट सेंटर में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक मरीज निर्धारित मात्रा से अधिक नशा छुड़ाने वाली दवा मांगने लगा। जब उन्होंने अतिरिक्त दवा देने से मना किया तो मरीज ने कथित तौर पर उन पर लाठी से हमला कर दिया।
इससे पहले भी कई बार मरीजों की ओर से स्टाफ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की घटनाएं हो चुकी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सेंटर में काम करने वाले स्टाफ की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इसी के चलते उन्होंने प्रशासन के सामने सुरक्षा बढ़ाने की मांग रखी है।
वेतन और कैटेगरी से जुड़ी मांगें भी उठाईं
काउंसलर ओंकार सिंह ने कर्मचारियों की अन्य मांगों को भी पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 9 प्रतिशत स्पेशल वेतन बढ़ोतरी और 6 प्रतिशत सालाना वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक उनकी कैटेगरी जारी नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि संबंधित कैटेगरी को जल्द जारी कर कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाए।
आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर भी उठे सवाल
कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को लेकर भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि उन्हें आउटसोर्स व्यवस्था से बाहर निकालने को लेकर अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। अगर नोटिफिकेशन जारी किया जाता है तो उसमें एक साल के रिन्यूअल का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कई बार नियमित करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
24 अगस्त से सेंटर बंद करने की चेतावनी
नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो 24 अगस्त को सेंटर बंद कर दिया जाएगा और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी प्राथमिक मांग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि सेंटर में काम करने वाले स्टाफ को मरीजों की ओर से होने वाली मारपीट और बदसलूकी से बचाया जा सके।





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