Thu, 06 Aug 2026
Post Details

18 से 35 साल के युवा सबसे ज्यादा नशे के शिकार, पंजाब विधानसभा रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

पंजाब विधानसभा की पंजाब हेल्थ सिस्टम से जुड़ी रिपोर्ट में नशे को लेकर चिंताजनक खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में नशे की गिरफ्त में आने वाले करीब 65 प्रतिशत लोग 18 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि नशा मुक्ति के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूदा जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं। वहीं, कई सरकारी अस्पतालों की इमारतें भी जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं।

अस्पतालों में मरीज ज्यादा, सुविधाएं बेहद सीमित
रिपोर्ट के मुताबिक नशा मुक्ति केंद्रों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन बेड और संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है। उदाहरण के तौर पर लुधियाना सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि वहां नशा मुक्ति वार्ड में केवल 15 बेड उपलब्ध हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

4 साल में 40 हजार से ज्यादा कैदी पहुंचे
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जेलों में संचालित ओओएटी (OOAT) क्लीनिकों में पिछले चार वर्षों के दौरान 40,830 कैदी इलाज के लिए पहुंचे। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में लोग नशे की लत से बाहर निकलना चाहते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नशा मुक्ति के लिए उपचार सुविधाओं और पुनर्वास व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

बुप्रेनॉर्फिन की खरीद बढ़ी, नशामुक्ति का आंकलन नहीं
विधानसभा समिति ने रिपोर्ट में बुप्रेनॉर्फिन दवा की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में इस दवा की खरीद पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जो 2025 तक बढ़कर 11 करोड़ रुपये हो गए। इसके बावजूद लंबे समय से यह दवा लेने वाले मरीज वास्तव में नशामुक्त हुए या नहीं, इसका कोई ठोस आकलन नहीं किया जा रहा है।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 192210