Sat, 31 Oct 2026
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पंजाब सरकार के नए फीस अध्यादेश को हाईकोर्ट में चुनौती, प्राइवेट स्कूलों की याचिका पर सुनवाई शुरू

पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों की फीस को लेकर लाए गए नए अध्यादेश के खिलाफ राज्य के स्कूल संचालकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 'फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशंस ऑफ पंजाब' ने अध्यादेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर दो जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू कर दी है।

25 जुलाई से पहले सुनवाई की मांग
फेडरेशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव आत्माराम और अधिवक्ता बृजेश भोंसला ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार 25 जुलाई 2026 से अध्यादेश के तहत निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। ऐसे में स्कूल संचालकों ने आग्रह किया कि मामले की सुनवाई निर्धारित तारीख से पहले की जाए।

दो जजों की बेंच ने शुरू की सुनवाई
स्कूल प्रबंधन की ओर से दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने सुनवाई करने का निर्णय लिया है। फेडरेशन ने यह याचिका 21 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष दाखिल की थी। अब इस मामले की सुनवाई के बाद यह तय होगा कि नए फीस अध्यादेश के प्रावधानों पर आगे क्या कानूनी स्थिति बनती है।

फीस अध्यादेश पर बढ़ा कानूनी विवाद
पंजाब सरकार के नए फीस अध्यादेश को लेकर निजी स्कूलों और सरकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। स्कूल संचालकों का कहना है कि अध्यादेश के कुछ प्रावधान व्यावहारिक और कानूनी दृष्टि से उचित नहीं हैं, जबकि सरकार का उद्देश्य निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी है।

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