Mon, 09 Nov 2026
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एपी ढिल्लों फायरिंग केस: कनाडा ने आरोपी शूटर को भारत डिपोर्ट करने का दिया आदेश

पंजाबी गायक और ग्लोबल सेंसेशन एपी ढिल्लों के कनाडा स्थित घर पर हुई फायरिंग मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) ने मामले में आरोपी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शूटर अभिजीत किंगरा को कनाडा से डिपोर्ट कर भारत भेजने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। आईआरबी ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त किंगरा का कनाडा में बने रहना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है, इसलिए उसे जल्द से जल्द देश से निष्कासित किया जाना अनिवार्य है।

एक साल से जेल में बंद है शूटर
अभिजीत किंगरा पिछले करीब एक साल से कनाडाई जेल में बंद है। एपी ढिल्लों के घर पर हमले के अलावा, उस पर कनाडा में व्यापारियों और अन्य लोगों से जबरन वसूली (रंगदारी) करने के गंभीर आरोप भी हैं। 15 जून को आयोजित हुई सुनवाई के दौरान बोर्ड ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए उसके डिपोर्टेशन के फैसले पर मुहर लगा दी।

भारत में जान को खतरा होने का दावा
डिपोर्टेशन की कार्यवाही के दौरान किंगरा ने बोर्ड के समक्ष अपनी जान को खतरा बताते हुए भारत वापस भेजे जाने का कड़ा विरोध किया। उसने तर्क दिया कि यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया, तो वहां उसकी हत्या की जा सकती है। हालांकि, कनाडाई बोर्ड ने उसके इन तर्कों को खारिज कर दिया और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय बरकरार रखा।

महज 4,000 डॉलर के लिए दिया वारदात को अंजाम
सुनवाई के दौरान किंगरा ने एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया है। उसने स्वीकार किया कि एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने के लिए उसे उसके एक साथी ने 4,000 डॉलर का लालच दिया था। पैसे के इसी लालच में आकर उसने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यह खुलासा अब जांच एजेंसियों के लिए मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

गैंगस्टर गतिविधियों का केंद्र बना आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, किंगरा का प्रभाव केवल एपी ढिल्लों फायरिंग केस तक सीमित नहीं है। वह संगठित अपराध और जबरन वसूली के कई अन्य मामलों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहा है। अब डिपोर्टेशन के आदेश मिलने के बाद, प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद उसे कनाडाई अधिकारियों द्वारा भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा।

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