Thu, 22 Oct 2026
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लुधियाना रेलवे यार्ड में ट्रेन हादसे की सूचना से मचा हड़कंप, बाद में निकली मॉक ड्रिल

 

Ludhiana में शुक्रवार सुबह रेलवे यार्ड में ट्रेन हादसे की सूचना मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 10:30 बजे रेलवे विभाग के कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि यार्ड में शंटिंग के दौरान एक पैसेंजर ट्रेन की बोलेरो वाहन से टक्कर हो गई है। हादसे में ट्रेन का एक कोच डिरेल हो गया और उसके पिछले पहिए पटरी से उतर गए, जिसके बाद आग लगने की भी सूचना दी गई।

सूचना में यह भी बताया गया कि कोच के अंदर करीब दर्जनभर यात्री फंसे हुए हैं, जिसके चलते रेलवे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया।

राहत और बचाव के लिए कई एजेंसियां पहुंचीं मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन, NDRF, स्थानीय पुलिस, GRP, RPF, एंबुलेंस, सिविल डिफेंस और अन्य विभागों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सभी एजेंसियों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और कोच में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पूरे घटनास्थल पर आपातकालीन हालात जैसा माहौल देखने को मिला।

रेलवे की तैयारी परखी गई

बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना एक मॉक ड्रिल थी, जिसे रेलवे और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी बड़े रेल हादसे की स्थिति में कर्मचारियों और बचाव एजेंसियों की तैयारियों को परखना था।

मॉक ड्रिल के दौरान यह देखा गया कि सूचना मिलने के बाद राहत टीमें कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती हैं और यात्रियों को सुरक्षित निकालने में कितना समय लगता है।

कोच काटकर निकाले गए यात्री

अभ्यास के दौरान ट्रेन कोच में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कोच काटने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलने के महज 15 मिनट के भीतर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल भविष्य में किसी भी वास्तविक हादसे से निपटने के लिए बेहद जरूरी होती हैं और इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर होता है।

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