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चंडीगढ़ में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म के मामलों में चंडीगढ़ का क्राइम रेट पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया है। यहां हर एक लाख आबादी पर 16.6 महिलाएं और बच्चियां दुष्कर्म का शिकार हुईं।
रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों ने शहर की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
2024 में दुष्कर्म के 96 मामले दर्ज
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान चंडीगढ़ में दुष्कर्म के कुल 96 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 73 मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत जबकि 23 मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए। नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन के आधार पर चंडीगढ़ की आबादी करीब 12.5 लाख मानी गई है। आबादी के अनुपात में देखा जाए तो चंडीगढ़ का दुष्कर्म क्राइम रेट देश में सबसे अधिक रहा। रिपोर्ट के अनुसार गोवा 13.3 के क्राइम रेट के साथ दूसरे स्थान पर और राजस्थान 12.2 के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
18 से 30 साल की महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट में बताया गया है कि चंडीगढ़ में सबसे अधिक दुष्कर्म के मामले 18 से 30 वर्ष की महिलाओं और युवतियों के साथ दर्ज किए गए। वहीं बच्चियों से जुड़े मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है। 12 से 16 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के 30 मामले दर्ज किए गए, जबकि 16 से 18 वर्ष की किशोरियों के साथ 13 मामले सामने आए। इसके अलावा 6 से 12 वर्ष की चार बच्चियां भी इस अपराध का शिकार हुईं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 30 से 45 वर्ष की महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 14 मामले दर्ज हुए।
महिलाओं के खिलाफ अपराध में लगातार बढ़ोतरी
चंडीगढ़ में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में पिछले दो वर्षों से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2022 में महिलाओं से जुड़े 325 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद 2023 में यह संख्या बढ़कर 371 तक पहुंच गई। वहीं 2024 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों का आंकड़ा बढ़कर 452 हो गया। लगातार बढ़ते अपराधों ने शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

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