जालंधर में मीटिंग के बाद मनीष सिसोदिया बोले- 4 साल में वो किया जो 75 साल में नहीं हुआ
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के छह राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पार्टी में संभावित टूट को रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने जालंधर में अहम बैठक बुलाई है। पहले यह बैठक मुख्यमंत्री निवास, जालंधर में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसका स्थान बदलकर शहर से बाहर स्थित शाहपुर सिटी कैंपस कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
विधायकों की मौजूदगी ने बढ़ाई बैठक की अहमियत
हालांकि शुरुआत में कहा गया था कि यह बैठक केवल ब्लॉक ऑब्जर्वरों के साथ होगी, लेकिन अब इसमें विधायकों की मौजूदगी भी सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक नरेश कटारिया, जीवनजोत कौर और इंद्रजीत निज्जर समेत करीब 25 विधायक बैठक में पहुंच चुके हैं।
1000 ऑब्जर्वरों के साथ रणनीति पर मंथन
यह बैठक करीब 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों के साथ आयोजित की जा रही है, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने और मौजूदा हालात पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक के दौरान विधायकों और ऑब्जर्वरों के साथ कैंपस ग्राउंड में ग्रुप फोटो भी करवाई जाएगी।
सिसोदिया का बयान, “इमरजेंसी मीटिंग नहीं”
इससे पहले 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मनीष सिसोदिया ने स्पष्ट किया था कि यह बैठक केवल ऑब्जर्वरों के साथ है और इसे विधायकों की इमरजेंसी मीटिंग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।


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