अरुण रत्न के अनमोल संकलन
14.04.2026
*ना कल में था*
*ना कल में है*
*जीवन मात्र इसी पल में है*
*भरोसा करो मगर*
*किसी के भरोसे मत रहो*
*जब काम नेक होते हैं*
*तब नाराज़ भी अनेक होते हैं*
अरुण रत्न के अनमोल संकलन
14.04.2026
*ना कल में था*
*ना कल में है*
*जीवन मात्र इसी पल में है*
*भरोसा करो मगर*
*किसी के भरोसे मत रहो*
*जब काम नेक होते हैं*
*तब नाराज़ भी अनेक होते हैं*
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