जालंधर पुलिस की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत की गई एक कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। शाहकोट क्षेत्र से सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SSP हरविंदर सिंह विर्क ने वायरल हो रही पुलिस सीसीटीवी फुटेज को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। मामले की जांच के बाद शाहकोट के SHO बलविंदर सिंह विर्क, ASI सुखविंदर सिंह और महिला कांस्टेबल हैवनप्रीत कौर को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
CCTV फुटेज ने बढ़ाई मुश्किलें
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अपनी प्राइवेट गाड़ी की डिक्की से एक नीला ड्रम निकालती है और उसे घर के अंदर ले जाती है। इसके बाद उसी ड्रम को बरामदगी के रूप में दिखाया जाता है। इस फुटेज के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
FIR में बरामदगी का दावा
पुलिस ने 9 अप्रैल को शाहकोट थाने में FIR नंबर-90 दर्ज की थी। FIR में दावा किया गया कि अकरम नाम के युवक के घर से 35 लीटर लाहन (देसी शराब) बरामद की गई। पुलिस और एक्साइज टीम के अनुसार यह लाहन घर के अंदर तूड़ी वाले कमरे में रखे नीले ड्रम में मिली थी।
वीडियो और दावे में विरोधाभास
हालांकि CCTV फुटेज पुलिस के इस दावे से अलग कहानी दिखाता है। वीडियो में ड्रम गाड़ी से निकालते हुए नजर आता है, जिससे बरामदगी की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। यही विरोधाभास अब जांच का मुख्य आधार बन गया है। मामला सामने आने के बाद SSP हरविंदर सिंह विर्क ने तुरंत कार्रवाई करते हुए SHO बलविंदर सिंह, ASI सुखविंदर सिंह और लेडी कांस्टेबल हैवनप्रीत कौर को लाइन हाजिर कर दिया है।


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