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पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पंजीकरण की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस साल 15 अप्रैल से देशभर के श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ 1 जुलाई से होगा और यह 28 अगस्त तक जारी रहेगी।
बोर्ड के अनुसार, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर आधारित होगी, इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना परमिट सुनिश्चित कर लें ताकि अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सके। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए देशभर की करीब 554 अधिकृत बैंक शाखाओं को चिन्हित किया गया है। यहां श्रद्धालु निर्धारित फॉर्म भरकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
हर दिन के लिए परमिटों की सीमित संख्या
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हर दिन के लिए परमिटों की संख्या सीमित रखी गई है ताकि यात्रा मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। भक्तों के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने इस बार डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों पर विशेष ध्यान दिया है।
यात्रा के लिए गाइडलाइंस भी जारी
यात्रा में शामिल होने के लिए बोर्ड ने कुछ सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका पालन करना हर यात्री के लिए जरूरी है। केवल 13 वर्ष से 70 वर्ष की आयु के लोग ही इस कठिन यात्रा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया वैध हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। बिना उचित स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के किसी भी श्रद्धालु का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ई-केवाईसी और तकनीकी अनिवार्यताएं
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य बनाया गया है। प्रशासन ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत केंद्रों के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन कराएं और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े से बचें। समय पर रजिस्ट्रेशन कराने से न केवल यात्रा सुगम होगी बल्कि प्रशासन को भी श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और सुरक्षा की व्यवस्थाएं बेहतर करने में मदद मिलेगी।


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