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पंजाब के सुल्तानपुर लोधी की रहने वाली मनजीत कौर के जीवन में ऐसा दर्द आया है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। एक मां, जिसने अपने पांचों बेटों को अपनी आंखों के सामने नशे की भेंट चढ़ते देखा और अब वह पूरी तरह टूट चुकी है।
नशे ने एक-एक कर छीने पांचों बेटे
मनजीत कौर बताती हैं कि उनका पांचवां बेटा भी अब इस दुनिया में नहीं रहा। वह पिछले दो दिनों से तड़प रहा था और बार-बार 200 रुपये मांग रहा था। परिवार ने उसे नशे से दूर करने की हर संभव कोशिश की। अस्पताल से मिली दवाइयों को पानी में घोलकर उसे पिलाया जाता रहा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी आंखों के सामने नशे ने एक-एक कर उनके सभी बेटों को उनसे छीन लिया।
एक लत ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
मनजीत कौर के मुताबिक उनके परिवार में पहले कोई नशा नहीं करता था। सबसे बड़े बेटे जसविंदर से इसकी शुरुआत हुई और धीरे-धीरे यह लत बाकी चारों बेटों तक पहुंच गई। देखते ही देखते 8 साल के भीतर उनके सभी बेटों की मौत हो गई।
आज उनके घर में सिर्फ बूढ़े माता-पिता, एक बहू और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे रह गए हैं।
बचाने की हर कोशिश रही नाकाम
एक मां होने के नाते उन्होंने अपने बेटों को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाया। कर्ज लेकर इलाज करवाया, नशा छुड़ाओ केंद्र में भी भर्ती कराया, लेकिन कोई भी प्रयास उन्हें इस दलदल से बाहर नहीं निकाल सका।मनजीत कौर कहती हैं कि अब वह पूरी तरह टूट चुकी हैं और उनके पास आगे जीने का कोई सहारा नहीं बचा।
सरकार से भावुक अपील
आंसुओं से भरी आंखों के साथ उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि वह उन्हें अपना छोटा भाई मानती हैं और अब इन छोटे-छोटे बच्चों को पालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा कि अब उनके जीवन का सहारा सिर्फ उम्मीद ही है।


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