Fri, 31 Jul 2026
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जालंधर में 50 साल पुराने बाजार पर संकट, प्रशासन के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन

जालंधर में जालंधर-फिल्लौर रेलवे लाइन के पास स्थित कलसी नगर में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने वहां स्थित बाजार को खाली करने के कड़े आदेश जारी कर दिए। पीडब्ल्यूडी (PWD) नेशनल हाईवे और रेलवे विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत दुकानदारों को अपना सामान समेटने के लिए महज 2 से 3 दिनों का समय दिया गया है।

लंबे समय में लोगों ने किया हुआ कब्जा- विभाग
विभाग का कहना है कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे के अंतर्गत आती है, जिस पर लंबे समय से कब्जे चले आ रहे हैं। प्रशासन के इस अचानक आए फरमान के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।

50 साल पुराने आशियाने पर मंडराया संकट
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि वे इस स्थान पर पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से रह रहे हैं और अपनी छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें पहले से कोई पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया और अब अचानक इमारतों को गिराने की बात कही जा रही है। 

पुनर्वास के लिए उठी आवाज
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों ने प्रशासन से भावुक अपील की है कि उन्हें बिना किसी इंतजाम के बेदखल न किया जाए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि यदि विभाग को वहां विकास कार्य या निर्माण करना ही है, तो पहले वहां रहने वाले लोगों को रहने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान दिया जाए।

वहीं दुकानदारों ने मांग उठाई है कि उनकी दुकानों के बदले उन्हें अन्य स्थान पर दुकानें मुहैया कराई जाएं ताकि वे अपना कारोबार दोबारा शुरू कर सकें। लोगों का कहना है कि वे अपने घरों को छोड़कर कहीं नहीं जा सकते और बिना किसी पुनर्वास योजना के उन्हें उजाड़ना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा।

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