जालंधर कैंट पर रुकेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, यात्रियों को बड़ी राहत
अमेरिका के इंडियाना सूबे ने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ एक सख्त कानून लागू कर दिया है, जिसका सबसे बुरा असर पंजाबी समुदाय पर पड़ा है। गवर्नर माइक ब्रॉन द्वारा मार्च 2026 में 'हाउस एनरोल्ड एक्ट 1200' पर हस्ताक्षर करने के बाद कुल 1790 ट्रक ड्राइवरों के कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) तत्काल प्रभाव से कैंसिल कर दिए गए हैं।
इंडियाना ब्यूरो ऑफ मोटर व्हीकल्स (BMV) ने 16 मार्च को नोटिस जारी कर इसकी सूचना दी थी, जिसके बाद 1 अप्रैल से सभी नॉन-डोमिसाइल्ड लाइसेंस खुद-ब-खुद एक्सपायर हो गए हैं। इस फैसले से विशेष रूप से उन ड्राइवरों को निशाना बनाया गया है जिनके पास वैध कार्य वीजा जैसे H-2A, H-2B या E-2 उपलब्ध नहीं थे।
गवर्नर माइक ब्रॉन के अनुसार, यह कठोर निर्णय फरवरी 2026 में हुई दो बड़ी सड़क दुर्घटनाओं के बाद लिया गया है, जिनमें पंजाबी ट्रक ड्राइवर शामिल थे। विशेष रूप से सुखदीप सिंह नामक ड्राइवर के ट्रक से हुए हादसे में एक 64 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई थी, जिसने प्रशासन को कड़ा कानून बनाने पर मजबूर किया।
सरकार का मानना है कि इस कदम से अनट्रेंड और अयोग्य ड्राइवरों को सड़कों से हटाया जा सकेगा, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इंडियाना अब अमेरिका का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने अवैध प्रवासियों द्वारा ट्रक चलाए जाने पर इतनी सख्त पाबंदी लगाई है।
नए कानून के तहत अब कमर्शियल लाइसेंस के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि ड्राइवर सड़क संकेतों और सुरक्षा निर्देशों को सही ढंग से समझ सकें। इतना ही नहीं, सरकार ने ट्रक मालिकों के लिए भी सख्त चेतावनी जारी की है।
अगर कोई भी ट्रक मालिक उन ड्राइवरों को नौकरी पर रखता है जिनके लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं, तो उस पर 50,000 डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम के लागू होने से न केवल हजारों पंजाबी ड्राइवरों की नौकरियां चली गई हैं, बल्कि ट्रांसपोर्ट बिजनेस से जुड़े लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है।


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