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हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठों पर इस साल चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धा और अटूट विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री नैना देवी, माता चिंतपूर्णी और श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिरों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और दान राशि, दोनों ने ही पिछले तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर कुल 6.5 लाख से अधिक भक्तों ने माता के दरबार में उपस्थिति दर्ज कराई और श्रद्धा भाव से कुल 2,48,23,482 रुपये (2.48 करोड़) की नकद राशि अर्पित की।
श्री नैना देवी मंदिर में चढ़ावे की 20 प्रतिशत छलांग
बिलासपुर स्थित श्री नैना देवी मंदिर में इस वर्ष भक्तों का भारी उत्साह नजर आया। मंदिर ट्रस्ट के अकाउंट्स ऑफिसर मनीष सरीन के अनुसार, केवल अष्टमी तिथि तक ही लगभग 5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। भक्तों की इस भारी आमद का सीधा असर मंदिर की आय पर भी दिखा, जहां कुल 1,25,35,848 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दान राशि में 20 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मंदिर प्रबंधन के लिए एक नया कीर्तिमान है।
माता चिंतपूर्णी के दरबार में विदेशी मुद्रा की 'वर्षा'
ऊना जिले के प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में 19 से 26 मार्च के बीच 80,58,027 रुपये का दान पंजीकृत किया गया। हालांकि, इसमें नौवें दिन का आंकड़ा अभी शामिल होना बाकी है। खास बात यह रही कि माँ के चरणों में केवल भारतीय रुपया ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्राएं भी खूब बरसीं। दान पेटी से इंग्लैंड के पाउंड, कनाडा और अमेरिका के डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के डॉलर और यूएई के दिरहम समेत मलेशियन रिंगित भी बरामद हुए हैं, जो वैश्विक स्तर पर माता के प्रति भक्तों की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।
बज्रेश्वरी देवी मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब
कांगड़ा स्थित श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में भी नवरात्रि का माहौल भक्तिमय रहा, जहां कुल 97,000 श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस अवधि में कुल 42,29,607 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ। नकदी के अलावा, बड़ी संख्या में भक्तों ने माता को सोना और चांदी भी अर्पित किया है, जिसका विस्तृत विवरण मंदिर के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज किया गया है। ज्वालाजी और चामुंडा देवी जैसे अन्य मंदिरों के अंतिम आंकड़े आने पर यह संख्या और भी बढ़ सकती है।


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