बिक्रम मजीठिया के करीबी रहे रवि मोहन ने छोड़ा अकाली दल, थामा AAP का हाथ
विवेक से ही मिलेगी “शांति” मनुष्य की महानता उसकी विवेक शक्ति में ही है ।
मनुष्य का मूल्य उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं बल्कि उसके भाव और कर्म से निर्धारित होता है
कर्म और धोखा बिना भुगतान के पीछा नहीं छोड़ते ।


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