Mon, 15 Jun 2026

विनय तिवारी जी के मुख से ।

दूसरों की सेवा और परोपकार का दूसरा  नाम है “पूजा”
 

सब कुछ भगवान है ,ऐसा स्वीकार कर लेना सर्वश्रेष्ठ साधन है ।

संसार में जो है ।वो सब रामायण में है ।


220

Share News

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 166756