नशे के खात्मे के लिए युवाओ को प्रेरित करना होगा- इंजी. अरुण रत्न
नशा न केवल हमारे समाज के लिए बल्कि हमारे देश के भविष्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुका है
नशा आज सिर्फ एक व्यक्तिगत आदत नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक बुराई का रूप ले चुका है। यह हमारे युवाओं की ऊर्जा, उनके सपनों और उनके भविष्य को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है। नशे का जाल इतना खतरनाक है कि एक बार इसमें फंसने के बाद निकल पाना बहुत कठिन हो जाता है। युवा किसी भी देश , किसी भी समाज और परिवार की रीढ़ होते हैं। अगर युवा ही कमजोर हो जाएं, तो देश, समाज ,परिवार का विकास रुक जाता है। आज जरूरत इस बात की है कि हम खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। हमें समझना होगा कि नशा कोई समाधान नहीं है, बल्कि यह हर समस्या को और बड़ा बना देता है।युवाओं को यह समझना होगा कि असली ताकत नशे में नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण और सकारात्मक सोच में होती है। हमें खेल, शिक्षा, और सामाजिक कार्यों में अपना समय लगाना चाहिए ताकि हम खुद भी आगे बढ़ें और समाज को भी आगे बढ़ाएं।इंजी. अरुण ने कहा कि बहुत जी जल्द एक अभियान चलाया जा रहा जिसमे युवाओ को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जायेगा और जो युवा इस दलदल में फंस गए है उनको बाहर निकलने के लिए प्रबन्द किए जायंगे।


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