तमिलनाडु के कोयंबटूर में 112 फीट ऊंचा आदि योगी का विशाल नजारा
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बुकिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक बुकिंग और गैस की जमाखोरी पर लगाम लगाना है, ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर ईंधन मिल सके। इस नए फैसले के तहत अब उपभोक्ताओं को पहले सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरे सिलेंडर के लिए पहले से अधिक इंतजार करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बदल गया बुकिंग का गणित
सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए नियमों को काफी सख्त किया गया है। पहले गांवों में उपभोक्ता 25 दिनों के अंतराल पर दूसरा सिलेंडर बुक करा सकते थे, लेकिन अब इस समय सीमा को बढ़ाकर सीधा 45 दिन कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग पहला सिलेंडर प्राप्त करने के कम से कम 45 दिन पूरे होने पर ही अगली बुकिंग दर्ज करा पाएंगे।
शहरी उपभोक्ताओं के लिए भी बढ़ा इंतजार का समय
सिर्फ ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के बुकिंग साइकिल में भी बदलाव किया गया है। शहरों में पहले दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम 21 दिनों का अंतर अनिवार्य था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की उपलब्धता बनाए रखने और पैनिक बुकिंग की स्थिति को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।


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