जालंधर महानगर में ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने और पुलिसिया रसूख का रौब दिखाने का एक अनोखा मामला सामने आया है। सोडा रोड निवासी एक युवक बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल को सरेआम सड़क पर दौड़ा रहा था, जिसे एक स्थानीय सोशल वर्कर ने रोकने की कोशिश की। सोशल वर्कर के रुकने के इशारे को नजरअंदाज करते हुए युवक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद समाजसेवी ने पीछा करके उसे कुछ दूरी पर धर दबोचा। पकड़े जाने के बाद युवक ने अपनी गलती सुधारने के बजाय लुधियाना में तैनात एक डीएसपी के साथ अपनी रिश्तेदारी का हवाला देकर धौंस जमाना शुरू कर दिया।
डीएसपी के साथ फोन पर हुई बातचीत और हाई-वोल्टेज ड्रामा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल वर्कर ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद युवक ने अपने रसूखदार रिश्तेदार से बात करवाने का प्रस्ताव रखा। जब समाजसेवी ने फोन पर बात की, तो सामने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान लुधियाना के डीएसपी गुरप्रीत सिंह के रूप में बताई। सोशल वर्कर ने जब डीएसपी को अवगत कराया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल ही शहर में लूटपाट और आपराधिक वारदातों के लिए किया जा रहा है और युवक ने पुलिसिया डर के कारण भागने की कोशिश भी की, तो अधिकारी ने स्पष्ट किया कि युवक को पुलिस के हवाले कर उसका चालान कटवाना चाहिए। हालांकि, बातचीत के दौरान अधिकारी ने यह भी कहा कि युवक कोई अपराधी नहीं है, लेकिन समाजसेवी ने नियमों की अनदेखी को लेकर सख्त रुख अपनाए रखा।
पुलिस कमिश्नर तक पहुंचेगी शिकायत, वीडियो साक्ष्य तैयार
सोशल वर्कर द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक बार-बार कैमरा बंद करने की जिद पर अड़ा रहा और अपनी गलती को रसूख के पीछे छिपाने की कोशिश करता रहा। युवक की इस हरकत पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सोशल वर्कर ने उसे चेतावनी दी कि यह मामला दबाया नहीं जाएगा। समाजसेवी ने स्पष्ट किया कि वह इस वीडियो साक्ष्य और पूरे घटनाक्रम की शिकायत जालंधर की पुलिस कमिश्नर को भेजेंगे ताकि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के रिश्तेदारों द्वारा कानून तोड़ने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाई जा सके। शहर में बिना नंबर प्लेट के घूम रहे वाहनों पर पुलिसिया कार्रवाई के दावों के बीच यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।



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