पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने रविवार को वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,60,437 करोड़ का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि इस साल का बजट “मां-बेटियों को समर्पित” है। बजट में महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
महिलाओं के लिए मावां-धीयां सत्कार योजना
बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे। इस योजना से पंजाब की लगभग 97% महिलाएं लाभान्वित होंगी। इसके लिए करीब ₹9300 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
वित्तमंत्री ने हरियाणा सरकार पर कसा तंज
वित्त मंत्री ने इस दौरान हरियाणा सरकार पर भी तंज कसते हुए कहा कि वहां आय सीमा लगाने के कारण केवल करीब 20% महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल पाया, जबकि पंजाब सरकार बिना किसी जुमलेबाजी के अधिक महिलाओं तक लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
सामाजिक-आर्थिक जनगणना की तैयारी
सरकार ने राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना कराने का भी फैसला लिया है। यह सर्वे अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसके लिए वर्ष 2026-27 में ₹100 करोड़ का बजट रखा गया है।
शिक्षा क्षेत्र पर बढ़ा खर्च
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7% अधिक है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘सिखिया क्रांति 2.0’ पहल शुरू की जाएगी, जिस पर अगले छह वर्षों में ₹3500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व-स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
तकनीकी शिक्षा और नई तकनीक पर जोर
सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ₹569 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। PM-SETU योजना के तहत कुछ ITI संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। इसके अलावा Indian Institute of Technology Ropar के साथ साझेदारी कर छात्रों को AI, IoT और साइबर-फिजिकल सिस्टम जैसी नई तकनीकों से जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए ₹2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे करीब 65 लाख परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार 2026-27 में 143 नए आम आदमी क्लीनिक खोलने जा रही है और 308 हेल्थ सेंटरों को अपग्रेड किया जाएगा। पांच साल में राज्य में कुल 1432 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए ₹351 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
मेडिकल एजुकेशन में नए संस्थान
मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने मलेरकोटला में नया मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। इसके लिए 38.50 एकड़ जमीन ₹49 करोड़ में खरीदी गई है। सरकार आने वाले समय में अन्य जिलों में भी नए मेडिकल कॉलेज खोलने और आधुनिक शिक्षण अस्पताल विकसित करने की योजना बना रही है। मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के लिए ₹1,220 करोड़ का बजट रखा गया है।
कृषि और किसानों के लिए बड़ा बजट
कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए ₹15,377 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसका उद्देश्य फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती और किसानों की आय बढ़ाना है। किसानों को मुफ्त और सब्सिडी वाली बिजली जारी रखने के लिए कृषि बिजली सब्सिडी पर ₹7,715 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सड़कों और विकास कार्यों पर निवेश
राज्य में 68,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण लिंक रोड नेटवर्क मौजूद है। इनमें से 40,103 किलोमीटर खराब सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन पर ₹12,597 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा रंगला पंजाब विकास योजना के तहत सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए बजट बढ़ाकर ₹1,170 करोड़ किया गया है।
उद्योग, रोजगार और खेल को बढ़ावा
उद्योग और वाणिज्य क्षेत्र के लिए ₹2,805 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें निवेश बढ़ाने और उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली देने के लिए ₹500 करोड़ का प्रोत्साहन शामिल है। सरकार के मुताबिक 2022 से अब तक करीब 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि जॉब फेयर के जरिए 70,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के लिए ₹287 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
नशे के खिलाफ अभियान और खेल सुविधाएं
“युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान के तहत पिछले एक साल में 36,686 मामले दर्ज कर 52,331 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 33,000 किलो से अधिक नशा बरामद किया गया है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए “खेड़दा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल के तहत 3,000 से अधिक मॉडल गांव खेल मैदान और 1,000 ग्रामीण इंडोर जिम बनाए जा रहे हैं। इसके लिए ₹1,791 करोड़ का बजट रखा गया है।
धार्मिक और प्रशासनिक परियोजनाएं
सरकार ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए ₹100 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को मुफ्त धार्मिक यात्रा कराने के लिए ₹312 करोड़ का बजट रखा गया है। साथ ही श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर नया प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की गई है।
कानून-व्यवस्था के लिए बजट
गृह, न्याय और जेल विभाग के लिए ₹11,577 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा जेलों की सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए ₹535 करोड़ खर्च किए जाएंगे।



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