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डिजिटल लेनदेन के दौरान होने वाले फ्रॉड से ग्राहकों को राहत देने के लिए RBI (Reserve Bank of India) ने नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क जारी किया है। ‘कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस’ नाम के इस प्रस्ताव का उद्देश्य डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा और मुआवजा उपलब्ध कराना है।
इस प्रस्ताव के मुताबिक यदि किसी के साथ डिजिटल फ्रॉड होता है और वह तुरंत इसकी सूचना बैंक या संबंधित संस्था को देता है, तो उसे अधिकतम 25,000 रुपए तक का मुआवजा मिल सकता है। इस नए ढांचे का मकसद बैंकिंग शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना और छोटे स्तर के डिजिटल फ्रॉड मामलों के लिए एक प्रभावी मुआवजा व्यवस्था तैयार करना है। इससे ग्राहकों को नुकसान होने पर जल्दी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय बैंक ने इस ड्राफ्ट फ्रेमवर्क पर आम जनता और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव भी मांगे हैं। इच्छुक लोग 6 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। इन सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।



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