Fri, 06 Nov 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

अमेरिका ने भारत को दी बड़ी राहत! देश में पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का खतरा फिलहाल टल गया है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिनों का एक विशेष लाइसेंस जारी किया है। यह रियायत 3 अप्रैल तक वैध रहेगी, जिससे भारतीय बाजार में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

राष्ट्रपति ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के तहत मिली छूट
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 6 मार्च को इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के तहत भारत को यह अस्थायी राहत दी गई है। बेसेंट ने भारत को अमेरिका का एक रणनीतिक और महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए कहा कि वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था। अमेरिका का मानना है कि इस छूट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कमी नहीं होगी।

ईरान के दबाव को कम करने की रणनीति
इस फैसले के पीछे एक बड़ी कूटनीतिक वजह ईरान का बढ़ता प्रभाव भी है। ट्रेजरी सचिव बेसेंट के अनुसार, ईरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को नियंत्रित करने या 'बंधक' बनाने की कोशिश कर रहा है। इस दबाव को संतुलित करने के लिए भारत को यह 30 दिनों की विशेष अनुमति दी गई है। अमेरिका को उम्मीद है कि इस अवधि के बाद भारत अमेरिकी तेल की खरीद में और तेजी लाएगा, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

केवल पहले से लोड किए गए तेल पर मिलेगी राहत
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' (OFAC) द्वारा जारी इस लाइसेंस में एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है। इसके तहत भारतीय रिफाइनरियां केवल उसी रूसी कच्चे तेल की डिलीवरी ले सकेंगी जो 5 मार्च तक जहाजों पर लोड हो चुका था। इसका सीधा मतलब यह है कि जो जहाज पहले से ही समुद्र में हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हीं से सप्लाई ली जा सकेगी। नए ऑर्डर या नई लोडिंग पर फिलहाल प्रतिबंध बरकरार है।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 268500

Share this Post