Sun, 01 Nov 2026
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पीएम मोदी के एक फैसले ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद, डर के मारे जंग और बातचीत की दुहाई देने लगे जरदारी

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को दिए अपने संबोधन में जरदारी ने दावा किया कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नेताओं के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि वे जंग के मैदान की ओर बढ़ रहे हैं। जरदारी ने खुद को शांति का पैरोकार बताते हुए भारत को सलाह दी कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और वे इस तरह के किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेंगे।

बातचीत का राग और कश्मीर पर पुराना रुख
राष्ट्रपति जरदारी ने भारत को संदेश देते हुए कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत को युद्ध की मानसिकता त्याग कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए। हालांकि, शांति की बात करने के साथ ही जरदारी ने कश्मीर राग अलापना नहीं छोड़ा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा। उनके अनुसार, जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, तब तक दक्षिण एशिया में स्थायी शांति की कल्पना करना नामुमकिन है।

भारत के फैसले को बताया 'हाइड्रो-टेररिज्म'
सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान बुरी तरह घबराया हुआ है। जरदारी ने भारत द्वारा संधि की समीक्षा और पानी के बहाव पर रोक लगाने के संभावित कदमों की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे 'हाइड्रो-टेररिज्म' (जल-आतंकवाद) करार देते हुए आरोप लगाया कि भारत अपने राजनीतिक लाभ के लिए प्राकृतिक संसाधनों और पानी के बहाव को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। जरदारी के इस बयान से साफ झलकता है कि भारत की जल नीति ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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