Thu, 05 Nov 2026
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तरनतारन के पुलिसकर्मी पिता पर टूटा दुखों का पहाड़, इकलौते बेटे की पुर्तगाल में मौत

पंजाब के युवाओं का विदेश में दम टूटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला तरनतारन के गांव थारू से सामने आया है, जहां मात्र 18 साल के दिलराज सिंह की पुर्तगाल में अचानक मौत हो गई। घर की गरीबी दूर करने और बेहतर भविष्य की चाह में विदेश गया इकलौता बेटा अब कभी वापस नहीं लौटेगा।

नशा और बेरोजगारी के डर से भेजा था विदेश
मृतक के पिता हीरा सिंह जो पंजाब पुलिस में कार्यरत हैं, ने बताया कि पंजाब में बेरोजगारी और फैलते नशे के जाल से अपने बेटे को बचाने के लिए उन्होंने उसे विदेश भेजने का फैसला किया था। दिलराज ने जैसे ही 12वीं की पढ़ाई पूरी की, पिता ने अपनी 5 किले जमीन 20 लाख रुपए में गिरवी रखकर उसे 4 साल पहले पुर्तगाल भेजा था।

तंग कमरों में कट रही थी जिंदगी
पिता ने खुलासा किया कि पुर्तगाल में पंजाबी युवा बेहद कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। दिलराज भी वहां एक छोटे से कमरे में कई लोगों के साथ रहकर अपने 2 साल के वर्क वीजा की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा था। परिवार को कल रात उसकी मौत की खबर मिली। बताया जा रहा है कि बचपन में दिलराज के दिल में छेद था, जो उसकी मौत का कारण बना हो सकता है।

केंद्र सरकार से मदद की गुहार
दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार ने केंद्र सरकार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्थानीय विधायक से हाथ जोड़कर अपील की है। पिता ने कहा, "एक बाप के लिए अपने जवान बेटे के शव का इंतजार करना दुनिया का सबसे बड़ा दुख है।" परिवार ने सरकार से मांग की है कि दिलराज का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द पंजाब लाने में मदद की जाए।

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