जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में आज सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और फाइनेंस कारोबारी लक्की ओबेरॉय की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, लक्की ओबेरॉय रोजाना की तरह सुबह करीब 7:15 बजे मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे।
जैसे ही वह माथा टेकने के बाद अपनी थार गाड़ी में सवार होकर वापस जाने लगे, घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने लक्की की छाती और सिर को निशाना बनाया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
CCTV में कैद हुए हमलावर: एक्टिवा पर सवार थे कातिल
पुलिस को वारदात वाली जगह के पास से सीसीटीवी फुटेज बरामद हुई है, जिसमें सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं। इन हमलावरों ने बेहद शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया और भीड़भाड़ वाला इलाका होने के बावजूद आसानी से फरार होने में कामयाब रहे।



पुलिस की इन्वेस्टिगेशन टीम और एसपी मौके पर पहुंच चुके हैं और पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों के भागने के रूट को ट्रैक किया जा रहा है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हत्या की वजह: कॉलेज की प्रधानगी और वर्चस्व की लड़ाई
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे खालसा कॉलेज जालंधर की प्रधानगी का पुराना विवाद निकलकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि कॉलेज में अपना वर्चस्व कायम करने को लेकर दो गुटों में लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
इस रंजिश को तब और हवा मिली जब सोशल मीडिया पर जस्स बुट्टर नामक व्यक्ति ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए एक लंबी-चौड़ी पोस्ट साझा की। जस्स बुट्टर ने अपनी पोस्ट में खालसा कॉलेज जालंधर के नेतृत्व का जिक्र करते हुए शेरू ग्रुप और सरदार नछत्तर सिंह बेई का नाम लिया है। उसने अपनी पोस्ट में अमेरिका में बैठे अपने विरोधियों को सीधी चुनौती देते हुए इस वारदात को अंजाम देने के पीछे के कारणों का खुलासा किया है।



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