पंजाब की आध्यात्मिक और राजनीतिक धरती पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दस्तक होने जा रही है। प्रधानमंत्री आगामी 1 फरवरी को जालंधर के दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री विशेष रूप से जालंधर के विश्व प्रसिद्ध सचखंड डेरा बल्लां में नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहे हैं।
सचखंड डेरा बल्लां में श्रद्धा अर्पित करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री का डेरा बल्लां आना केवल एक धार्मिक दौरा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों अनुयायियों की आस्था से जुड़ा विषय भी है। श्री गुरु रविदास जयंती के शुभ अवसर पर वे सचखंड डेरा बल्लां पर माथा टेकेंगे और वहां की परंपराओं के अनुसार गुरु महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
संत निरंजन दास जी को पद्मश्री सम्मान का ऐलान
प्रधानमंत्री के इस दौरे की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा सचखंड डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास जी को 'पद्मश्री' अवार्ड देने की घोषणा की गई है। संत निरंजन दास जी को यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके द्वारा समाज सेवा और मानवता के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान संत निरंजन दास जी से मुलाकात कर उन्हें इस सम्मान की बधाई भी दे सकते हैं।
आध्यात्मिक महत्व और सामाजिक संदेश
1 फरवरी को मनाई जाने वाली 649वीं जयंती को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालु जालंधर पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का यहां पहुंचना समाज के एक बड़े वर्ग को एकता और समानता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। श्री गुरु रविदास जी के विचारों और उनकी शिक्षाओं को समर्पित इस यात्रा से पंजाब के सामाजिक माहौल में एक नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।



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