माता वैष्णो देवी के दरबार में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे यात्रा की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। वीरवार रात से ही कटरा और आसपास के इलाकों सहित भवन मार्ग पर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही इस बारिश ने न केवल तापमान में भारी गिरावट पैदा की है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी चुनौतियां बढ़ा दी हैं। शुक्रवार की सुबह होते-होते बारिश बर्फबारी में तब्दील हो गई, जिससे वैष्णो देवी भवन और पूरे यात्रा मार्ग पर बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आई।
बर्फबारी से बदला भवन का नजारा
शुक्रवार की सुबह वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत दृश्य लेकर आई। माता के भवन के साथ-साथ पहाड़ों और यात्रा मार्ग पर ताजी बर्फबारी दर्ज की गई है। चारों ओर फैली बर्फ की सफेद चादर ने पूरे क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया है। हालांकि यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए सुखद है, लेकिन लगातार खराब होते मौसम ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिसलन और ठंड के कारण यात्रा मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
सुरक्षा कारणों से यात्रा को किया गया स्थगित
खराब मौसम और बर्फबारी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। हालांकि इस संबंध में श्राइन बोर्ड की ओर से अभी तक कोई लिखित आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मौके पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रा के मुख्य प्रवेश द्वार बाणगंगा और ताराकोट मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है और किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
बाणगंगा और ताराकोट पर रोके गए यात्री
वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा शुरू करने के लिए कटरा पहुंचे हुए हैं, जिन्हें अब मौसम साफ होने का इंतजार है। ताराकोट मार्ग और बाणगंगा जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों पर ही यात्रियों को रोक दिया गया है ताकि मार्ग पर किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम में सुधार होते ही यात्रा को पुनः सुचारू रूप से शुरू करने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।






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