Sat, 02 May 2026
G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com

आज्ञा चक्र थर्ड आई त्रिनेत्र भगवान शिव का


बहुत कुछ समझने के बाद यह निष्कर्ष निकला कि इस दुनिया में सिर्फ मृतकों और मूर्खों का ही समस्याओं से कोई सरोकार नहीं होता जब तक आप जीवित हैं समस्याओं से आप का चोली दामन का साथ है और रहेगा सारी समस्याएं जिंदा रहने तक हैं वहीं मूर्ख मैं उस व्यक्ति को कहता हूं जो समस्याओं से ना वाकिफ है अज्ञानता से ग्रस्त है और वह इस प्रकार की शुतुरमुर्ग की सोच रखता है कि समस्याओं का तूफान उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता तो यह है की कुछ अपवादों को छोड़ दें तो हर व्यक्ति समस्याओं के सागर में डूबा हुआ है जब तक जीवन है तब तक समस्याएं हैं इस संबंध में प्रख्यात ब्रिटिश दार्शनिक सी ई एम जोड कि इस बात से हम सहमत हैं  कि प्रसव पीड़ा के बाद ही जन्म होता है आमतौर पर दुनिया भर में शिशु के जन्म को सुखद घटना माना जाता है लेकिन गर्भस्थ शिशु की मां के साथ जन्म से पहले जो घटना घटित होती है वह बेहद पीड़ादायक होती है।
समस्याएं हैं तो उनका समाधान भी है यहां पर प्यास लगने से पहले जल उपलब्ध है उड़ने से पहले आकाश उपलब्ध है सांस लेने से पहले प्राणवायु ऑक्सीजन उपलब्ध है कहने का मतलब यह है कि समस्याएं हैं तो उसका समाधान है बस जरूरत है साहस की संकल्प की परिश्रम की सकारात्मक सोच की और दूरदर्शिता पूर्ण मन मस्तिष्क की  उपर्युक्त गुणों की चाबी से ही आप अपनी समस्या रुपी तालों को सहजता से खोल सकते हैं।
त्रिनेत्र शिव नेत्र या थर्ड आई पर ध्यान केंद्रित कर यहां स्थित आज्ञा चक्र को जागृत कर आप दैहिक दैविक और भौतिक ही नहीं बल्कि अनेकानेक मानसिक समस्याओं का समाधान कर सकते हैं त्रिनेत्र व आज्ञा चक्र के संदर्भ में आपको बताया जा सकता है बताया जाएगा जब आपकी इच्छा होगी संपर्क करने पर आपको बताया जा सकता है हरि ओमःः योगिराज रमेश जी महाराज


17

Share News

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 155798