शुभ खरीदारी के तीन मुहूर्त, दिनभर लोगों ने पसंद की ज्वेलरी
डिलीवरी आज लेंगे, चांदी के श्री लक्ष्मी-गणेश के सिक्के और प्रतिमाएं बनीं सर्वाधिक पसंदीदा
पढ़े पूरी खबर
जालंधर (राजन) : शनिवार को मनाए जा रहे धनतेरस पर इस बार शुभ खरीदारी के तीन शुभ मुहूर्त हैं। इसमें की खरीदरी मंगल होगी व दोहरा फल भी देगी। वहीं, सोना-चांदी की बढ़ी कीमतों के बावजूद खरीदारों में उत्साह है। इसका प्रमाण धनतेरस की पूर्व संध्या पर शहर के ज्वेलर्स पर सोना-चांदी के खरीदारों की भीड़ से मिलता है।
ज्वेलर्स के मुताबिक शुक्रवार को ज्वेलरी पसंद करने वाले अधिकतर ग्राहकों ने डिलीवरी का करार शनिवार यानी धनतेरस वाले दिन का किया है। लिहाजा, धनतेरस को लेकर शहर के ज्वेलर्स न केवल शनिवार को निर्धारित समय से पूर्व शोरूम खोलने का फैसला लिया है, बल्कि रविवार को भी शोरूम खुले रखने का एलान किया है। वहीं, धनतेरस पर केवल सोना-चांदी नहीं बल्कि बर्तन, झाड़ और साबुत धनिया की खरीद को भी शुभ माना जाता है।
चांदी के श्री लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा व सिक्कों की 50 से अधिक रेंज
शहर की ज्वेलरी मार्केट में चांदी के श्री लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा तथा सिक्कों की 50 से अधिक रेंज है। सराफा बाजार के कारोबारी केशव ज्वेलर्स के संचालक वरुण चोपड़ा बताते हैं कि इस बार दीपावली पर श्री लक्ष्मी गणेश की चांदी के कई उत्पाद उतारे गए है। पालिश के बाद आकर्षक गिफ्ट पैक में तैयार किया गया है। चांदी के नोट दोनों नराठ में पैक होने के चलते उनकी चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है। जो हर वर्ग की पहुंच में रखने के लिए इसकी कीमत 1200 रुपये से शुरू है। इसी तरह श्री लक्ष्मी गणेश की चांदी की प्रतिमाएं, चांदी के नोट व सिक्के के पचास से अधिक डिजाइन उपलब्ध है।
सोना-चांदी की मांग वरकरार
गढ़ा रोड पर स्थित कनक ज्वेलर्स के सुनील भारद्वाज बताते हैं कि धनतेरस और दीपों के पर्व दीपावली को लेकर सोना-चांदी की मांग बरकरार है। बल्कि, फेस्टिवल सीजन को लेकर उतारे गए मृगांका ज्वेलरी को विशेष रूप से पसंद किया जा रहा है। इस रेंज में पारंपरिक डिजाइनों को नया व लग्जरी लुक दिया गया है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी धन के देवता कुबेर व भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। इसे लेकर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 7.16 बजे से रात 8.20 बजे तक रहेगा।
इस वार तांवे और पीतल के वर्तनों को अधिक तरजीह दे रहे लोग
धनतेरस के पर्व से पहले ही बर्तन बाजार में लोगों की आमद शुरू हो गई है। इस बार अधिकतर लोग स्टील के साथ-साथ पीतल, तांबा तथा कांस्य के बर्तनों की मांग भी कर रहे हैं। ऐसा स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता का असर है। अच्छी मांग को देखते हुए व्यापारियों ने भी इस बार गिलास से लेकर चम्मच व वाटर कूलर से लेकर जग सहित कई तरह के बर्तन तांबा पीतल व कांस्य में मंगवाए है। बर्तन बाजार के कारोबारी आशीश हांडा बताते है कि पीतल के बर्तनों को लोग तरजीह दे रहे है। यही कारण है कि बाजार में पीतल की कढ़ाई, पतीले, फाई पैन समेत कई बर्तन मौजूद हैं।
धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है पीतल का वर्तन खरीदना श्री मेला राम मंदिर मोहल्ला खोदियां के प्रमुख पुजारी पंडित भोला नाथ त्रिवेद्धी बताते हैं कि पीतल का बर्तन गुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। बृहस्पति ग्रह की शांति के लिए पीतल के वर्तन का इस्तेमाल लाभकारी है। शिवलिंग पर भी अर्पित करने के लिए पीतल के कलश का इस्तेमाल शुभहोता है। श्री हरिदर्शन मंदिर अशोक नगर के प्रमुख पुजारी पंडित प्रमोद शास्त्री बताते हैं कि धनतेरस पर झाडू व धनीया खरीदना भी शुभ होता है। शास्त्रों के हिसाब से धनतेरस पर झाडू की खरीद करने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है व उनकी कृपा बरसती है। वहीं डू खरीदते समय इसकी संख्या एक, तीन, पांच या सात होनी चाहिए। इसके अलावा मां लक्ष्मी की प्रतिमा, कुबेर यंत्र, कौड़ियां, मां लक्ष्मी के चरण चिन्ह खरीदना भी शुभ होता है।






Login first to enter comments.