Sat, 02 May 2026
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पटाख़ा मार्केट में लाइसेंस से अधिक शेड  पढ़ें पूरी खबर 

पटाख़ा मार्केट में लाइसेंस से अधिक शेड 

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : पठानकोट चौक पर सर्कस ग्राउंड स्थित पटाखा मार्केट में प्रशासन द्वारा जारी किए गए 20 लाइसेंस से अधिक शेड बनाए गए हैं। वहीं फायर वर्क्स एसोसिएशन ने 20 से अधिक लाइसेंस की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर की है, जिस पर 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी। एसोसिएशन ने वर्ष 2016 में लागू नियमों और वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए यह अपील की है। न्यायालय ने यह प्रश्न उठाया है कि क्या लाइसेंस की संख्या में बदलाव करने में उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए। कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा है।

सर्कस ग्राउंड में मंगलवार तक 20 से अधिक शेड का ढांचा खड़ा कर दिया गया है। नगर निगम की टीम ने सोमवार को इस मामले में कार्रवाई की, लेकिन विवाद के कारण उन्हें विना कार्रवाई लौटना पड़ा। लाइसेंस से अधिक शेड बनाने के कारण यह मार्केट नगर निगम के निशाने पर है। नगर निगम की विल्डिंग ब्रांच ने बताया कि मार्केट के लिए कोई नक्शा (ले-आउट) तैयार नहीं किया गया है और उन्हें अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष त्योहारों पर बर्स्टन पार्क में पटाखा मार्केट लगती थी, लेकिन अब इसे स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कारण इस बार पटाखा मार्केट के लिए स्थान का चयन करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पहले लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड, लम्मा पिंड के पास घास मंडी और बेअंत सिंह पार्क जैसे स्थानों पर विचार किया गया, लेकिन नए नियमों के कारण ये विकल्प असफल रहे। पठानकोट चौक की सर्कस ग्राउंड को पुलिस की एनओसी मिली है, जहां व्यापारियों ने निजी तौर पर मार्केट की व्यवस्था की है। फायर वर्क्स एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि वर्ष

2017 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि वर्ष 2016 में जारी लाइसेंस के 20 प्रतिशत लाइसेंस ही जारी किए जाएं। एसोसिएशन ने कहा कि 20 प्रतिशत की सीमा तव की जनसंख्या के आधार पर तय की गई थी। अब हालात बदल चुके हैं और जनसंख्या भी बढ़ चुकी है। हालांकि इस पर उच्च न्यायालय तर्क दे चुकी है कि यह तय करना अदालत का काम है कि सीमा 20 प्रतिशत हो या 30 प्रतिशत हो। अब फैसला 16 अक्टूबर को आएगा।


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