10 मार्च से लापता चल रहे हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव 18 मार्च को मृत हालत में भाखड़ा बांध से मिला था। लेकिन इसके साथ ही विमल नेगी की मौत ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की कारगुजारी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृत अधिकारी विमल नेगी की धर्मपत्नी ने कई सनसनीखेज आरोप लगाते हुए अपने पति की मौत का नाता ऊना जिला के पेखूबेला स्थित 220 करोड रुपए की लागत से बने सौर ऊर्जा संयंत्र से होने को आशंका जाहिर की है। हालांकि प्रदेश का यह पहला ऐसा सौर ऊर्जा संयंत्र है जिसे रिकॉर्ड समय में तैयार करके जनता को समर्पित किया गया था। 32 मेगावाट क्षमता के इस सोलर पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास 3 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया गया था, जबकि रिकॉर्ड 8 महीने के भीतर इस प्रोजेक्ट को तैयार करके जनता को समर्पित भी कर दिया गया। बुधवार को कारपोरेशन के कार्यालय के समक्ष विमल नेगी के शव को रखकर परिजनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन ही नहीं किया बल्कि साथ ही कारपोरेशन के अंदर कई प्रकार की धांधलियां तक होने के आरोप लगा डाले। जिसमें विशेष रूप से ऊना जिला के इस 32 मेगावाट क्षमता के 220 करोड रुपए की लागत से तैयार सोलर पावर प्रोजेक्ट को इंगित किया गया है। पीड़ित परिवार ने इस प्रोजेक्ट की विशेष जांच करवाने तक की भी मांग उठा दी। विमल नेगी के परिवार की इस मांग के बाद हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट भी सवालों के घेरे में आ गया। जिसके चलते हर कोई यह सोचने को मजबूर हो गया है कि विमल नेगी की मौत का 220 करोड रुपए के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट से क्या नाता है। मृतक अधिकारी के परिवार ने पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक एवं आईएएस अफसर हरिकेश मीणा सहित डायरेक्टर देशराज के निलंबन की मांग कर डाली। परिवार का आरोप है कि इन्हीं दो अधिकारियों के कारण विमल नेगी की मौत हुई है। किन्नौर के विधायक और प्रदेश सरकार में काबीना मंत्री जगत नेगी के समक्ष मृतक अफ़सर के परिवार वालों का गुस्सा जमकर फूटा। हालांकि हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक और आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा का विवादों से लगातार नाता रहा है। इस अधिकारी के खिलाफ कारपोरेशन के कर्मचारी पहले भी शिमला से लेकर ऊना तक खुलकर सड़कों पर आ चुके हैं, लेकिन विमल नेगी की मौत के बाद खड़ा हुआ विवाद हरिकेश मीना पर भारी पड़ता नज़र आ रहा है। विमल नेगी के परिवार ने इस मामले में दोनों अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने और पावर कारपोरेशन के कई बड़े प्रोजेक्ट की जांच करवाने की मांग उठाई है। गौर रहे कि अभी अभी विमल नेगी का परिवार उनके शव के साथ HPPCL के दफ्तर का बाहर ही बैठा है और उनका कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों को सस्पेंड नहीं किया जाता वे नहीं उठेंगे।



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