Friday, 30 Jan 2026

बरयाने डंप के कूड़े को क्लियर करने हेतु बायो माइनिंग टेंडर लेने वाली कंपनी 2 साल में सैड कंप्लीट  भी नहीं कर पाई,,,,

जालंधर 5 जून :: आज पूर्व पार्षद और पूर्व डायरेक्टर पंजाब स्टेट सीड्स कारपोरेशन  (पंजाब सरकार )जागदीश समराए ने बरियाणा कूड़े वाले डंप पर जाकर स्मार्ट सिटी के बायो माइनिंग प्रोजेक्ट पर कुछ सवाल उठाते हुए कहां जो पहले भी नगर निगम हाउस की मीटिंग, लोकल बॉडी के डायरेक्टर, एनजीटी, एमएसडब्ल्यू रूल्स, स्वच्छता मिशन के उच्च अधिकारियों, पीएमआईडीसी और मौके के नगर निगम / स्मार्ट सिटी के उच्च अधिकारियों मिलता रहा…  और मांग पत्र भी देता रहा और मौखिक तौर पर इस बारे में हमेशा बताता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसका रिजल्ट आज शहर वासियों के और स्मार्ट सिटी और नगर निगम  के अफसरों के सामने है, आज के दिन 5 जून 2021 को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा बीसी के जरिए इसका नीव पत्थर रखा गया था और जिस कंपनी  ने इसका टेंडर लिया था इस टेंडर  की शर्त के मुताबिक इसको 2 साल में पूरी तरह से कूड़ा मुक्त डंप करना था ,लेकिन कंपनी द्वारा 2 साल में एक सैड भी कंप्लीट नहीं कर पाई, स्मार्ट सिटी के स्मार्ट अफसरों की निगरानी में, यह काम हो रहा था, पिछले डेढ़ साल मैं इसमें मामूली सा काम भी नहीं हुआ था , अफसर बहाना लगा रहे थे,इस कंपनी को प्लांटी लगाएंगे और 6 महीने में थोड़ा बहुत काम शुरू किया गया, लेकिन 8/9 लाख प्रति हेक्टेयर टन से एक ट्रक कूड़ा  भी साफ कंपनी नहीं कर पाई,ऑफिसर हाथ से हाथ धरकर बैठे रहे,आज शहर वासियों के सपनों का फिर अंत हो गया, क्योंकि शहर इस कूड़े से अगले 2 साल जा इस से ज्यादा दोबारा से सपना देखेगा ,के कब कूड़े का डंप साफ हो जाएगा शहर कूड़े से निजात पाएगा ,क्योंकि द्वारा  टेंडर लगा दिया गया है और  सिर्फ सरकारों से बचने के लिए और नेताओं से वाह  बाई लेने के लिए, सिर्फ शहरवासियों की कोई परवाह नहीं और 2021 जून के बाद टेंडर के शुरू में ही 4 करोड 93 लाख की मशीनरी इतनी जल्दी खरीदी के जैसे 2021 में ही कूड़े का डंप खाली हो जाएगा, इसमें कमीशन की बो आ रही है ,कंपनी अभी जालंधर में आई ही नहीं  उसके लिए सोने की प्लेट में मशीनरी और डंप को खाली करने के लिए  उजारों  को खरीद उनको परोसा गया,यह स्मार्ट अफसरों का गेम प्लेन टेंडर के मुताबिक समय 2 साल में 8/9 लाख टन  कूड़े में से 2  प्रतिशत भी साफ नहीं हुआ ,समराय इस मौके चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इस डंप के साथ लगती40/45  कॉलोनियों, मोहल्लो, और गांवों मैं रहते जनता और निवासियों के हालात नर्क से भी बतर जिंदगी जीने पर मजबूर हैं, इस प्रोजेक्ट में देरी का नतीजा जनता झेल रही है, हर समय इस डंप पर हर समय आग लगी रहती है और कूड़ा इतना पुराना होने के कारण इससे  जहरीली गैस निकलती रहती है, जो बहुत ज्यादा प्रदूषण फैलाती है ,जिसका पहले ही सरकारी अदारे सर्वेक्षण कर चुके हैं , यह बात मान चुके हैं पानी की कोई निकासी नहीं है, इस डंप पर नगर निगम और स्मार्ट सिटी के ऑफिस की तरफ से कोई उच्च अधिकारी की ड्यूटी तैनात नहीं है , पहले जे टेंडर 72 करोड का था उसका मेरी ओर से डटकर विरोध किया गया था, उसके बाद इसको कम करके 41 करोड़ कर दिया गया ,8 लाख प्रति हेक्टेयर टन के तकरीबन और आज 2 साल मैं और ज्यादा कूड़ा जमा हो चुका है, इसका  कोई हल नहीं निकाला जा रहा है, ऑफिसर अपनी मनमर्जी करने पर तुले हुए हैं, 10 दिन का समय देते हैं इसका कोई ठीक समाधान नहीं मिला जा ना निकाला स्मार्ट सिटी के ऑफिस के सामने डंप के साथ लगती , सभी मोहल्ला निवासियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी,


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