ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है
इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है
Ibrat Siddiki
अपनी सूरत देखना हो अपने दिल में देखिए
दिल सा दुनिया में कोई भी आइना मिलता नहीं
अब्दुल्लतीफ़ शौक़
किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में
मिरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं ..!
अख़्तर सईद ख़ान
इसलिए लड़ता है मुझसे मेरा दुश्मन
उसका भी मेरे सिवा कोई नहीं है
- Aves Sayyad



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