Friday, 30 Jan 2026

काव्य संकलन "श्रुता"

ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है

इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है

 

Ibrat Siddiki 

 

अपनी सूरत देखना हो अपने दिल में देखिए

दिल सा दुनिया में कोई भी आइना मिलता नहीं

 

अब्दुल्लतीफ़ शौक़

 

किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में 

मिरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं ..!

 

अख़्तर सईद ख़ान

 

इसलिए लड़ता है मुझसे मेरा दुश्मन

उसका भी मेरे सिवा कोई नहीं है

- Aves Sayyad


13

Share News

Login first to enter comments.

Latest News

Number of Visitors - 132978